
ब्रह्मगिरि पर्वत (FB Photo)
महाराष्ट्र के नासिक जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। बारह ज्योतिर्लिंगों में शामिल त्र्यंबकेश्वर मंदिर (Trimbakeshwar Jyotirling Mandir) में देशभर से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के बाद भक्त अक्सर गोदावरी नदी के उद्गम स्थल ब्रह्मगिरि पर्वत (Brahmagiri Hill) पर भी जाते हैं। इसी दौरान आंध्र प्रदेश से आए एक श्रद्धालु की दर्दनाक हादसे में मौत हो गई।
मिली जानकारी के मुताबिक, आंध्र प्रदेश के 73 वर्षीय मैतर रामराव भैरवी मंगलवार को त्र्यंबकेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंचे थे। मंदिर में दर्शन करने के बाद वे ब्रह्मगिरि पर्वत के लिए निकल पड़े। लेकिन जटा मंदिर तक पहुंचने के बाद वे रास्ता भटककर दुर्गभंडार किले की ओर निकल गए। कठिन पहाड़ी रास्तों की जानकारी न होने के कारण वे वहीं फंस गए।
इस दौरान वहां बारिश भी हो रही थी। शाम के समय उन्होंने मदद के लिए पुकार भी लगाई। स्थानीय व्यक्ति ने आवाज सुनी और फिर मेटघर किले के पुलिस पाटील को इसकी जानकारी दी। किसी के फंसे होने का आभास होने पर तुरंत त्र्यंबकेश्वर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस निरीक्षक महेश कुलकर्णी ने तुरंत पुलिसकर्मियों को पहाड़ी इलाके में तलाशी के लिए भेजा। इसके साथ ही नासिक से 12 सदस्यीय रेस्क्यू टीम भी बुलाई गई। वन विभाग की टीम भी रेस्क्यू अभियान में शामिल हुआ।
काफी खोजबीन के बाद देर रात उनका शव दुर्गभंडार किले के पास गोरखनाथ गुफा की करीब 300 फीट गहरी खाई में मिला। मृतक आंध्र प्रदेश के आंबूगाम के वेरवनापट्टी का निवासी है। फिलहाल पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।
त्र्यंबकेश्वर जैसे धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल फिर खड़े हो गए हैं। यह हादसा इस बात की भी चेतावनी है कि पहाड़ी रास्तों पर जाने से पहले पूरी तैयारी और जानकारी लेना बेहद जरूरी है।
Updated on:
18 Sep 2025, 8:16 PM IST
Published on:
18 Sep 2025, 8:16 PM IST
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