2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Shiv Sena: चुनाव आयोग ने शिवसेना का ‘धनुष-बाण’ फ्रीज करने की बताई वजह, अब क्या करेंगे उद्धव गुट व शिंदे गुट?

Shiv Sena News: बीते जून महीने में शिवसेना दो धड़ों में बंट गई और दोनों खेमे खुद के ‘असली शिवसेना’ होने का दावा करते हुए निर्वाचन आयोग से पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह उन्हें आवंटित करने का अनुरोध किया था।

2 min read
Google source verification

मुंबई

image

Dinesh Dubey

Oct 09, 2022

shiv_sena Uddhav Thackeray vs Eknath Shinde.jpg

शिंदे गुट के विधायकों को जल्द अयोग्य घोषित करें स्पीकर- उद्धव गुट

Uddhav Thackeray vs Eknath Shinde: बाला साहब ठाकरे की 56 साल पहले बनाई गई शिवसेना का 'धनुष-बाण' उनके बेटे उद्धव ठाकरे के पास रहेगा या बागी एकनाथ शिंदे के पास? यह तो आने वाले समय में ही पता चलेगा। उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना खेमे को बीती रात तब बड़ा झटका लगा जब केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह 'धनुष-बाण' यानी ‘तीर-कमान’ के उपयोग पर पाबंदी लगा दी। आयोग ने शिंदे खेमे के लिए शिवसेना के निशान को सील कर दिया है।

आयोग ने कहा कि अंधेरी उपचुनाव के लिए तीन अक्टूबर को अधिसूचन जारी हो चुका है, ऐसे में अंतरिम आदेश की आवश्यक है। अंतरिम आदेश में कहा गया ‘‘आयोग का कर्तव्य है कि वह सुनिश्चित करे कि उपचुनाव कह पूरी चुनावी प्रक्रिया किसी भी भ्रम से मुक्त हो, इसलिए अगला कदम यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है कि चुनाव में हिस्सा ले रहे किसी भी गुट को अनुचित लाभ/हानि ना हो।’’ यह भी पढ़े-Maharashtra: शरद पवार बोले- बॉलीवुड में मुस्लिमों का योगदान सबसे ज्यादा, उर्दू को लेकर कही बड़ी बात

चुनाव आयोग के आदेश में कहा गया है, ‘‘दोनों गुटों में से किसी को भी ‘शिवसेना’ के लिए आरक्षित चुनाव चिन्ह ‘तीर कमान’ का उपयोग करने की अनुमति नहीं है। दोनों गुट उन नये नामों से जाने जाएंगे, जिनका वे चुनाव करेंगे।’’

आगे अब क्या होगा?

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुटों में से किसी को भी अब 'शिवसेना' पार्टी के नाम का उपयोग और उसके 'धनुष और बाण' के निशान का उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी।

चुनाव आयोग ने दोनों गुटों को 10 अक्टूबर दोपहर 1 बजे तक अपनी पसंद के अपनी-अपनी पार्टी के लिए तीन-तीन नये नाम और चुनाव चिन्ह पेश करने के लिए कहा है। यह नाम व प्रतीक आयोग द्वारा आवंटित किया जायेगा।


इस वजह से आई यह नौबत

इसी साल जून महीने में शिवसेना दो धड़ों में बंट गई और दोनों खेमे खुद के ‘असली शिवसेना’ होने का दावा करते हुए निर्वाचन आयोग से पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह उन्हें आवंटित करने का अनुरोध किया था। इस बीच शिंदे गुट ने 4 अक्टूबर को आयोग को पत्र लिखकर अनुरोध किया कि अंधेरी ईस्ट विधानसभा सीट पर उपचुनाव में उसे ‘शिवसेना के नाम और निशान’ का उपयोग करने की अनुमति दी जाए। हालांकि ठाकरे गुट ने भी अपना जवाब शनिवार को दिया और विरोधी गुट के दस्तावेजों और दावों का अध्ययन करने के लिए निर्वाचन आयोग से चार हफ्ते का समय मांगा था।

चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ कोर्ट जाएगी उद्धव गुट

निर्वाचन आयोग द्वारा शिवसेना के धनुष-बाण चुनाव चिह्न को फ्रीज करने पर ठाकरे गुट के शिवसेना सांसद अरविंद सावंत ने कहा "बिना सुनवाई, बिना जांच के इन्होंने हमारे चुनाव चिह्न को फ्रीज कर दिया है। देश तानाशाही की तरफ जा रहा है। संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। हम बॉम्बे हाईकोर्ट जाएंगे।"