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गढ़चिरौली के जंगल में पुलिस और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़, दो महिला नक्सली ढेर

Anti-Naxal Operation in Gadchiroli : मुठभेड़ के बाद इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है। जंगल में और नक्सलियों के छिपे होने की आशंका है।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Sep 17, 2025

नक्सली ढेर (Photo: IANS/File)

नक्सली ढेर (Photo: IANS/File)

महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले (Gadchiroli Encounter) से नक्सलवाद विरोधी अभियान में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। एटापल्ली तालुका के मोडस्के जंगल क्षेत्र में पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में दो महिला नक्सलियों को ढेर कर दिया गया। यह कार्रवाई गट्टा पुलिस स्टेशन और सीआरपीएफ की 191वीं बटालियन की संयुक्त टीम ने की।

मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि गट्टा दलम के कुछ नक्सली मोडस्के जंगल में छिपे हुए हैं। इसके बाद अहेरी के अपर पुलिस अधीक्षक सत्य साईं कार्तिक के नेतृत्व में सी-60 कमांडो की पांच टीमें अहेरी से रवाना की गईं। इस बीच पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया।

तभी नक्सलियों ने पुलिस बल पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की। गोलीबारी थमने के बाद इलाके की तलाशी ली गई, जिसमें दो महिला नक्सलियों के शव बरामद हुए। मौके से एक स्वचालित एके-47 राइफल, एक पिस्तौल, जिंदा कारतूस और भारी मात्रा में आपत्तिजनक साहित्य जब्त किया गया है।

जंगल में और नक्सलियों के छिपे होने की आशंका है। इसलिए अभी भी क्षेत्र में तलाशी अभियान जारी है। पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से नक्सलियों को बड़ा झटका लगा है और उनके संगठनात्मक ढांचे पर असर पड़ेगा। साथ ही स्थानीय ग्रामीणों में नक्सली गतिविधियों की दहशत भी कम होगी।

कोपर्शी जंगल में 4 माओवादी ढेर

पिछले महीने भी गढ़चिरौली जिले में पुलिस और सीआरपीएफ को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी कामयाबी मिली थी। गढ़चिरौली-नारायणपुर सीमा पर स्थित कोपर्शी जंगल में सुरक्षाबलों से हुई मुठभेड़ में चार माओवादी मारे गए। मारे गए माओवादियों में एक पुरुष और तीन महिलाएं शामिल थीं। इन पर कुल 14 लाख रुपए का इनाम घोषित था।

पुलिस अधीक्षक नीलोत्पल ने बताया कि 25 अगस्त को गुप्त जानकारी के आधार पर पुलिस की 20 और सीआरपीएफ की दो टीमें अभियान पर भेजी गई थीं। लगातार बारिश और दुर्गम रास्तों के बावजूद जवानों ने 48 घंटे तलाशी अभियान चलाया। सर्च ऑपरेशन के दौरान माओवादियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। उन्हें आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया, लेकिन माओवादियों ने फायरिंग तेज कर दी। जिसके बाद सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई की, जो आठ घंटे तक चली।

मौके से एक एसएलआर, दो इंसास, एक 303 राइफल, 92 जिंदा कारतूस और माओवादी साहित्य बरामद किया गया। मारे गए माओवादियों पर हत्या और आगजनी जैसे कई गंभीर अपराध दर्ज थे।

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