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Video Story: देश-विदेश के प्रसिद्ध साहित्यकार और गायक सुनाएंगे अपनी रचना ?

देश-विदेश के प्रसिद्ध साहित्यकार ( Writer ) और गायक ( Singer ) सुनाएंगे अपनी रचना ( Formation ), रंगारंग कार्यक्रम ( Colorful Program ) का 25 दिसंबर को वरली के नेहरू सेंटर ऑडिटोरियम ( Nehru Center Auditorium ) में आयोजन, 'पासबान ए अदब' ( Pasban E Adab ) की ओर से मीरास ( Meeras ) और काव्यांजलि (Kavyanjali ) का प्रोग्राम, दूर-दराज से आए साहित्यकार बांधेंगे समां

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Video Story: देश-विदेश के प्रसिद्ध साहित्यकार और गायक सुनाएंगे अपनी रचना ?

Video Story: देश-विदेश के प्रसिद्ध साहित्यकार और गायक सुनाएंगे अपनी रचना ?

मुंबई. साहित्य और हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए 25 दिसंबर को 'पासबान ए अदब' की ओर से 'मीरास द हेरिटेज' एवं काव्यांजलि 2019 कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। मिर्जा गालिब की 150वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में कला साहित्य संस्कृति की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के उद्देश्य से निःशुल्क कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। उर्दू फारसी के मशहूर शायर मिर्जा गालिब की स्मृति में इस बार का यह साहित्य का संगम विशेष होगा। वरली के नेहरू सेंटर ऑडिटोरिय में आयोजित इस कार्यक्रम में मीरास के अंतर्गत जाने माने गजलकार द्वारा गजल की प्रस्तुति देंगे।

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देर रात तक चलेगा कार्यक्रम...
इस बार दो सत्रों में गजलों और शेयरों का दौर चलेगा। इरशाद कामिल जिनका भारत में पहला पोएट्री बैंड 'द इंक बैंड' है वे स्वतः भी गायन में भाग लेंगे। साथ ही गायक संगीतकार तौसीफ अख्तर की ओर से मिर्जा गालिब की गजलों शेर-ओ-शायरियों का अनूठा संगीतमय गायन प्रस्तुत किया जाएगा। वहीं काव्यांजलि के अंतर्गत प्रसिद्ध रचनाकार मराठी साहित्य प्रस्तुत करेंगे, जिसमें अशोक नायगांवकर, अश्वनी शेंडे, गायत्री सप्रे, गुरु ठाकुर, किशोर कदम, समीर सामंत श्रीपाद जोशी, वैभव जोशी, रविंद्र लखे, दिगंबर महाले, नीरजा आप्टे आदि साहित्यकार मराठी रचनाओं में अपनी प्रस्तुति देंगे। कार्यक्रम दोपहर 12 से 3 काव्यांजलि तो शाम 4 बजे से द इंक बैंड व उसके उपरांत गजल का रंगारंग कार्यक्रम आयोजित होगा।

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कार्यक्रम में प्रवेश होगा मुफ्त...
विदित हो कि आयोजन में भव्य एवं रंगारंग मंच, उत्तम प्रकाश व्यवस्था, प्रभावी ध्वनि प्रक्षेपण, नवीन नियोजन के साथ चलने वाले इस कार्यक्रम में प्रवेश के लिए 'पहले आओ-पहले पाओ' के सिद्धांत पर सीट की व्यवस्था है, लेकिन महिलाओं एवं बुजुर्गों के लिए बैठने की विशिष्ट व्यवस्था की गई है। हर वर्ष की तरह इस साल भी इसमें प्रवेश मुफ्त होगा। प्रवेश सुनिश्चित करने के लिए टोल फ्री नम्बर 1800120080000 पर फोन कर या events.pasbaaneadab.com पर रजिस्ट्रेशन करवा अपनी उपस्थिति दर्ज करवा सकते हैं।

इंसानियत से बड़ा नहीं हो सकता कोई भी धर्म...
उल्लेखनीय है कि संस्था के अध्यक्ष महाराष्ट्र के आईजी कैसर खालिद ने कहा कोई भी धर्म इंसानियत से बड़ा नहीं हो सकता। आजकल मुल्क की फिज़ाओ में नफ़रत का जहर फैला दिया गया है, जिसे मोहब्बत की शायरी से काटा जा सकता है। हमारा प्रयास है कि नई पीढ़ी तक भारत की संस्कृति और साहित्य को पहुंचाया जाए और उसे अपनाया जाए। अदब की खिदमत और निगहबानी के साथ साहित्य के जरिए हम समाज में अमन और एकता के मिशन को आगे बढ़ाते रहने का सतत प्रयास कर रहे हैं।