
कर्ज माफी : दो लाख से ज्यादा के बकाया वाले किसान अपात्र
मुंबई. दो लाख रुपए तक के कृषि कर्ज माफी से जुड़ी महाराष्ट्र विकास आघाडी सरकार की योजना पर विवाद शुरू हो गया है। मूल धन और ब्याज मिला कर जिन भी किसानों पर दो लाख रुपए से ज्यादा का बकाया है, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। किसान नेताओं ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे नीत सरकार की नीयत पर सवाल उठाए हैं। किसान नेताओं का कहना है कि उद्धव सरकार की कर्ज माफी योजना किसानों के साथ छलावा से ज्यादा कुछ भी नहीं है। सिर्फ श्रेय लेने के लिए सरकार ने घोषणा कर दी। हकीकत यह है कि ज्यादातत किसानों को इसका लाभ नहीं मिल रहा। ऐसे किसानों की नाराजगी सरकार के लिए सिरदर्द साबित हो सकती है।
स्वाभिमान किसान संगठन के अध्यक्ष राजू शेट्टी ने कहा कि कर्ज माफी के लिए लिए दो लाख रुपए तक की सीमा तय की गई है। इस कारण बहुत से किसानों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। कर्ज की रकम में मूल धन और ब्याज मिला कर यदि 2 लाख रुपए से एक पैसा भी अधिक हो रहा है तो ऐसे किसान योजना का लाभ पाने के अपात्र हैं। ज्यादातर किसान इससे परेशान हैं। शेट्टी ने कहा कि फसलों की नुकसान भरपाई पर सरकार चुप्पी साधे हुए है। किसानों को वह रकम भी मिलनी चाहिए।
भारतीय किसान महासभा के महाराष्ट्र सचिव अजीत नवले में भी उद्धव सरकार की किसान कर्ज माफी योजना पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना के लाभ से अधिकांश किसान वंचित हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसे उपाय करने चाहिए जिसके तहत सभी किसानों का दो लाख रुपए तक का कर्ज माफ होना चाहिए। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटील ने कहा कि मुख्यमंत्री की नीयत सही है। लेकिन, यह भी हकीकत है कि किसानों को योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।
सरकार किसानों के साथ
वित्त मंत्री जयंत पाटील ने कहा कि सरकार किसानों के साथ है। विपक्ष को गलतफहमी नहीं पालनी चाहिए। जिन किसानों पर मूल धन और ब्याज मिला कर दो लाख रुपए से ज्यादा का कर्ज बकाया है, उन्हें योजना का लाभ देने के लिए सरकार जल्दी ही जरूरी उपाय करेगी।
Updated on:
28 Dec 2019 07:09 pm
Published on:
28 Dec 2019 05:58 pm
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