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आख़िरकार अजित पवार के खिलाफ एनसीपी में उठी आवाज

सोलापुर में एनसीपी ( NCP ) की ओर से अपने 6 जिला परिषद ( District Council ) सदस्यों को निलंबित ( Suspended ) किए जाने पर पार्टी के जयसिंह मोहिते पाटिल ( Mohite-Patil ) गट आक्रमक (Aggressive) हो गया है। इस कार्रवाई ( Action ) से नाराज जयसिंह मोहिते पाटिल ने कहा कि पार्टी पहले अजित पवार ( Ajit Pawar ) के खिलाफ कार्रवाई करे,उसके बाद हमारे सदस्यों को निलंबित करें।

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आख़िरकार अजित पवार के खिलाफ एनसीपी में उठी आवाज

आख़िरकार अजित पवार के खिलाफ एनसीपी में उठी आवाज

पंढरपूर.सोलापुर में एनसीपी की ओर से अपने 6 जिला परिषद सदस्यों को निलंबित किए जाने पर पार्टी के जयसिंह मोहिते पाटिल गट आक्रमक हो गया है। इस कार्रवाई से नाराज जयसिंह मोहिते पाटिल ने कहा कि पार्टी पहले अजित पवार के खिलाफ कार्रवाई करे,उसके बाद हमारे सदस्यों को निलंबित करें।
मोहिते पाटिल ने कहा कि पार्टी के खिलाफ जाकर उपमुख्यमंत्री की शपथ लेने वाले अजित पवार के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई ? ढ़ाई साल पहले संजय शिंदे भाजपा की ओर से जिला परिषद के अध्यक्ष हुए तो उनके खिलाफ क्या कार्रवाई हुई? दिपक सालुंखे को हराने वाले एनसीपी के सदस्यों पर क्या कार्रवाई की गई, यह बताया जाए। पहले इन सबके खिलाफ कार्रवाई करें,उसके बाद हमारे खिलाफ कोई कदम उठाएं।

गौरतलब है कि हाल ही में हुए जिला परिषद अध्यक्ष पद के चुनाव में मोहिते पाटिल गट के 6 सदस्यों ने भाजपा को वोट दिया। जिसके बाद जिला एनसीपी ने उन सभी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की। एनसीपी के जिला अध्यक्ष बलीराम काका साठे ने यह कार्रवाई की। स्वरुपारानी मोहिते पाटिल, शीतल देवी मोहिते-पाटिल, अरुण तोडकर,सुनंदा फुले,गणेश पाटिल, मंगल वाघमोडे इन 6 सदस्यों को पार्टी से निलंबित किया गया है। यह सभी सदस्य मालशिरस तालुका के और मोहिते-पाटिल गट के हैं। खास बात यह है कि इनमें से दो सदस्य मोहिते-पाटिल के परिवार के हैं।

बता दें कि जिला परिषद के चुनाव में सभागृह में एनसीपी के नेता उमेश पाटिल ने सभी सदस्यों से व्हिप अजीत जारी करने की अनुमति मांगी। पर पीठासीन अधिकारी ने सभागृह में व्हिप नहीं जारी किए जाने की बात कही। जिसके बाद उमेश पाटिल ने पार्टी का आदेश सभागृह में पढ़ा। पर इस आदेश को नकारते हुए मोहिते-पाटिल गट के 6 सदस्यों ने भाजपा सहित समान विचार के आघाडी को अपना समर्थन दिया। जिसकी वजह से भाजप सहित समान विचार आघाडी को जिला परिषद चुनाव में जीत मिली। इससे नाराज एनसीपी पार्टी ने निलंबन की कार्रवाई की।