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नागपुर: डीजल से भरी वैगन में लगी आग,धमाकों की आशंका से थमी रही सांसें

आनन-फानन में लोको पायलट को वायरलेस मैसेज देकर ट्रेन रुकवाई गई...

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(मुंबई/नागपुर): शनिवार की दरमियानी रात करीब 3 बजे स्टेशन पर रेलयात्रियों की जान उस समय हलक में आ गई, जब मेन लाइन पर आती मालगाड़ी की डीजल से भरी वैगन के ढक्कन पर आग की लपटें उठती दिखाई दी। स्टेशन उपप्रबंधक, रेलवे सुरक्षा बल, मनपा फायर ब्रिगेड विभाग और अन्य रेलकर्मियों की तत्परता से 25 मिनट में ही आग पर काबू पा लिया गया। 18 बोगी की यह मालगाड़ी हाई स्पीड डीजल और पेट्रोल से भरी हुई थी, जिसकी वजह से अधिकारियों के साथ ही आसपास मौजूद लोगों की भी सांसें विस्फोट की आशंका में थमी हुई थी। आनन-फानन में दोनों प्लेटफार्म पर मौजूद यात्रियों का वहां से हटा दिया गया था।

जानकारी के मुताबिक रात करीब 3.00 बजे हाई स्पीड डीजल और पेट्रोल से भरी बीकानेर से विजयवाड़ा जा रही 18 वैगन की मालगाड़ी नागपुर के प्लेटफार्म 2 से लगी मेन लाइन पर पहुंची। इसी दौरान इंजन से 10वीं वैगन (बीटीएफएलएनडब्ल्यूआर 47081214070) का ऊपरी ठक्कन ओएचई से टकरा गया। कुछ ही सेकंड के स्पार्क के बाद आग लग गई। आनन-फानन में लोको पायलट को वायरलेस मैसेज देकर ट्रेन रुकवाई गई। यह बोगी पश्चिमी भाग के मुख्य प्रवेश द्वार के ठीक सामने रुकी। उधर, आरपीएफ के सीसीटीवी कैमरा यूनिट की स्क्रीन पर भी यह भयानक मंजर दिखाई दिया।

स्टेशन उपप्रबंधक अतुल श्रीवास्तव को जैसे ही नजारा दिखाई दिया, उन्होंने सबसे पहले फायर ब्रिगेड को सूचित किया। कुछ ही मिनट में फायर ब्रिगेड पहुंची और फाग स्प्रे की मदद से आग पर काबू पा लिया गया। इस पहले एसएसई (सी एंड डब्ल्यू) स्टेशन यशवंत गोपाल और आरपीएफ के एसएसआई सीताराम जाट भी अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंच गए थे। इस समय तक आग की लपटें बढ़नी शुरू हो गई थी। चूंकि वैगन का दूसरा ठक्कन बंद था, इसलिए आग भीतर नहीं पहुंच सकी। यह पूरा घटनाक्रम 25 मिनट चला।

आग की जानकारी ने मंडल प्रबंधन की नींद उड़ा दी। 15 मिनट के भीतर ही डीआरएम महिन्दर उप्पल, एडीआरएम भंडारी, सीनियर डीसीएम केके मिश्र, सीनियर डीएमई अखिलेश चौबे, सीनियर डीएससी सतीजा, एडीएमई कमलेश कुमार समेत सभी वरिष्ठ अधिकारी पहुंच गए। डीआरएम उप्पल ने अपनी निगरानी में व्यवस्था संभाली। अजनी यार्ड में उक्त वैगन की जांच चलती रही और आग लगने कारण खोजा गया।


डीजल चोरी की आशंका

जांच में नागपुर पहुंचने तक कुल डीजल की मात्रा में कमी पाई गई। शक जताया जा रहा है कि बीच रास्ते में वैगन से डीजल चोरी किया गया और ऊपरी ठक्कन अच्छे से नहीं लगाया गया। घटना के समय गार्ड बोगी से लगी 9 वैगन का ढक्कन भी खुला था।