
Papaya Garden
महाराष्ट्र के बीड में किसानों की मुसीबतें बढ़ती नजर आ रहीं हैं। इस साल महाराष्ट्र में फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। पहले मॉनसून सीजन में बारिश और बाढ़ ने खरीफ की फसलों को बर्बाद कर दिया और अब बागवानी की फसलों पर फंगल वायरस की मार पड़ी है। पपीते की फसल पर भी इसका काफी बुरा असर पड़ा है। महाराष्ट्र के बीड में इस वायरस से पपीता की खेती करने वाले किसानों का भारी नुकसान की खबरें सामने आ रही है। पपीते के बागों पर फंगल वायरस का अटैक काफी तेजी से बढ़ रहा है। सैकड़ों एकड़ पपीते के बाग तबाह हो गए।
इससे महाराष्ट्र के किसानों को लाखों का नुकसान हो रहा है। पानी की आपूर्ति और बागों से एक्स्ट्रा इनकम की वजह से इस साल महाराष्ट्र के बीड जिले में बड़ी संख्या में पपीते के बाग लगाए गए थे। लेकिन अब फंगल वायरस की अटैक के बाद किसान काफी ज्यादा हताश और निराश हो गए हैं। यह भी पढ़े: महाराष्ट्र के राज्यपाल अपने पद पर बने रहेंगे, राजभवन ने किया अफवाहों का खंडन
बता दें कि महाराष्ट्र के बीड जिले के अरवी गांव के सुरेश काले ने साढ़े तीन लाख रुपये खर्च कर साढ़े तीन एकड़ में पपीता लगाया था। कटाई के मौसम में इस बगीचे को काटना पड़ रहा है। इस फसल से सुरेश काले को लगभग 30 लाख रुपये का फायदा मिलता, लेकिन अब एक रुपया उसे मुनाफा नहीं मिलेगा।
किसानों के उम्मीदों पर फिरा पानी: बता दें कि महाराष्ट्र के किसानों को पपीते से अच्छा मुनाफा मिलने की काफी उम्मीद थी। हालांकि, बारिश की वजह से, पपीता के बाग तबाह हो गए। जलजमाव के चलते पेड़ के तने सड़ गए। इसके साथ ही किसानों के उम्मीदों पर फिर पानी फिर गया। फंगस वायरस अब पपीते के बागानों को पूरी तरह बर्बाद कर रहे है।
Published on:
28 Nov 2022 10:15 pm
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