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पैसे की तंगी से अब अधूरे नहीं रहेंगे घर, बैंकों से मिलेगा 70 हजार रुपए कर्ज

प्रधान मंत्री आवास योजना: ग्रामीण क्षेत्रों में 2.72 करोड़ घर बनाने का लक्ष्य अब तक बन चुके हैं 1.96 करोड़ घर

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पैसे की तंगी से अब अधूरे नहीं रहेंगे घर, बैंकों से मिलेगा 70 हजार रुपए कर्ज

पैसे की तंगी से अब अधूरे नहीं रहेंगे घर, बैंकों से मिलेगा 70 हजार रुपए कर्ज

मुंबई. प्रधान मंत्री आवास योजना (पीएमएवाइ) के तहत देश के ग्रामीण क्षेत्रों में बनाए जा रहे घर पैसे की किल्लत की वजह से अधूरे नहीं रहेंगे। इन घरों को बनाने के लिए 70 हजार रुपए तक का कर्ज मिलेगा। केंद्र सरकार का ग्रामीण विकास विभाग मसौदे को अंतिम रूप दे रहा है। क्रेडिट गारंटी स्कीम के तहत संबंधित लोगों को यह वित्तीय सहायता मिलेगी। इसमें स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की भूमिका अहम होगी। एसएचजी की गारंटी पर लाभार्थी बैंकों से यह कर्ज ले सकते हैं। पीएमएवाइ के तहत मार्च, 2024 तक देश में 2.72 करोड़ घर बनाने का लक्ष्य है। बुनियादी सुविधा युक्त पक्का घर बनाने के लिए योजना के तहत मैदानी इलाके के लाभार्थियों को 1.20 लाख रुपए जबकि पहाड़ी क्षेत्रों के लिए 1.30 लाख रुपए वित्तीय सहायता मिलता है। यह लागत केंद्र और राज्य सरकारें 60:40 के अनुपात में वहन करती हैं। योजना के तहत 2.44 करोड़ घर मंजूर किए गए हैं।

निर्माण लागत बढ़ी
सूत्रों के अनुसार कंस्ट्रक्शन सामग्री महंगी हो गई है। इसके चलते निर्माण लागत बढ़ गई है। इस कारण बहुत से घरों का काम बीच में रुक गया है। ग्रामीण विकास विभाग इस समस्या का समाधान करना चाहता है। माना जा रहा कि कर्ज की राशि से अधूरे घरों का काम पूरा हो सकता है।

16 महीने में बनाने हैं 75 लाख घर
पीएमएवाइ के तहत मार्च, 2024 तक ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 2.72 करोड़ घर बनाने का लक्ष्य है। इसमें से 1.96 करोड़ से ज्यादा पक्के घर बन चुके हैं। लक्ष्य हासिल करने के लिए अगले 16 महीनों में 75.29 लाख घर बनाने होंगे। प्रधान मंत्री आवास योजना 2016 से शुरू है। कुछ राज्यों ने लक्ष्य हासिल किया है जबकि कुछ राज्य पिछड़े हैं।

चुनावी राज्यों पर नजर
सरकार की नजर उन राज्यों पर है, जहां एक साल के भीतर विधानसभा चुनाव होने हैं। इनमें गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश शामिल हैं। लक्ष्य की कसौटी पर गुजरात का प्रदर्शन संतोषजनक है। बाकी चुनावी राज्यों में पीएमएवाइ के तहत घर बनाने की प्रक्रिया सुस्त है। बिहार में 77 प्रतिशत, झारखंड में लगभग 79 प्रतिशत, महाराष्ट्र में 56 प्रतिशत लक्ष्य पूरा हुआ है। आंध्र प्रदेश (18.23), कर्नाटक (33) और गोवा में सिर्फ 8 प्रतिशत लक्ष्य पूरा हुआ है।

पीएमएवाइ के तहत इन राज्यों में 80 प्रतिशत से भी कम बने घर

राज्य लक्ष्य (लाख) मंजूरी (लाख) बने घर (लाख) लक्ष्य का प्रतिशत
गुजरात 4.49 4.33 3.85 85.74
मध्य प्रदेश 37.89 37.32 26.90 71.34
छत्तीसगढ़ 10.97 10.96 8.25 75.27
राजस्थान 17.33 17.26 13.43 77.48

कुछ राज्य लक्ष्य के करीब

राज्य लक्ष्य (लाख) मंजूरी (लाख) बने घर (लाख) प्रतिशत
उत्तर प्रदेश 26.15 26.05 25.74 98.43
प. बंगाल 34.82 34.68 33.61 96.53