
Maha Corona: लॉक डाउन के बाद भी फीस भुगतान के भेजे जा रहे निर्देश...
रोहित के तिवारी
मुंबई. राज्य भर के निजी और केंद्रीय बोर्ड स्कूलों के अभिभावकों को आगामी शैक्षणिक वर्ष के लिए ऑनलाइन शुल्क का भुगतान करने के लिए फोन कॉल और निर्देश मिलने लगे हैं। जबकि सर्कुलर के माध्यम से स्कूलों को निर्देश दिया जा चुका है कि इस अवधि के दौरान स्कूलों की ओर से कोई शुल्क देने के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए। इसके बावजूद स्कूलों की ओर से सरकार के आदेश को धता बताते हुए फीस वसूली की जा रही है। हालांकि लॉकडाउन के बाद भी विभाग की ओर से फीस के भुगतान का आदेश दिया गया, जिससे अभिभावकों में नाराजगी है। वहीं स्कूल मंत्री वर्षा गायकवाड ने पत्रिका से बताया कि अगर ऐसा हो रहा है तो संबंधित स्कूलों पर कार्रवाई की जाएगी।
अभिभावकों में भारी नाराजगी...
कोरोना संक्रमण के मद्देनजर 14 अप्रैल तक देश भर में लॉक डाउन की घोषणा की गई है। इस पृष्ठभूमि के खिलाफ केंद्रीय बोर्ड, सभी प्रबंधन स्कूलों को छात्रों और अभिभावकों से वर्तमान वर्ष और आने वाले वर्ष की फीस जमा करते समय सहानुभूति रखना आवश्यक है। इस अवधि के दौरान इस शुल्क को जमा करने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। इस तरह के सुझाव स्कूल शिक्षा विभाग ने दिए गए हैं। साथ ही शिक्षा विभाग द्वारा एक सर्कुलर भी जारी किया गया है। इसके बावजूद कई स्कूलों ने अभिभावकों से फीस देने का आग्रह किया है। इस कार्यशैली के खिलाफ अभिभावक में स्कूलों और सरकार पर काफी नाराजगी है।
तुरंत शुल्क कैसे दे सकते हैं?
शिक्षा विभाग द्वारा जारी अध्यादेश में सुझाव दिया गया है कि स्कूलों को लॉक डाउन के बाद शुल्क वसूलना चाहिए। इसका अभिभावक संगठन और अभिभावकों ने कड़ा विरोध किया है। लॉकडाउन के चलते कई अभिभावकों की नौकरी पर भी खतरा मंडरा रहा है। अब ऐसे में इस लॉकडाउन के परिणामस्वरूप भला अभिभावक स्कूलों की फीस तुरंत शुल्क कैसे दे सकते हैं?
तत्काल कार्रवाई की जाएगी...
एक ओर जहां देश भर कोरोना वायरस के कहर से जूझ रहा है, जबकि दूसरी ओर सभी स्कूलों को बंद कर दिया गया है। इसके बावजूद अगर किसी भी स्कूल की ओर से अभिभावकों से फीस जमा करने को बोला जा है तो बहुत ही गंभीर है और ऐसे स्कूलों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
- वर्षा गायकवाड, स्कूल एवं शिक्षा मंत्री
Published on:
08 Apr 2020 11:54 am
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