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Maha corona: “वार अगेंस्ट वायरस” हम जरूर जीतेंगे , मुख्यमंत्री की भावुक अपील

कोरोना(corona) के साथ लड़ाई को देखकर मुझे वर्ष 1971 की लड़ाई याद आ रही है। जब हमारी सेना सीना चौड़ाकर लड़ रही थी। लेकिन तब दौर कुछ और था। सेना तलवार ,बन्दुक और मिसाइल से लड़ी थी। अब वार अगेंस्ट वायरस(war aginst virus) से लड़ाई का दौर आया है। आज जिस तरह से हमारे डॉक्टर्स(docters) ,नर्स(nurs) स्टाफ लड़ रहे है। वे बिलकुल 1971 के जवानों की याद दिलाते हैं। इस सेना को सहयोग करें , आप घर में रहकर उनकी मदद(help) नहीं कर सकते हैं क्या ?

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 मुख्यमंत्री ठाकरे जाएंगे रामलला के दर्शन को, कहा आस्था पर न हो राजनीति

मुख्यमंत्री ठाकरे जाएंगे रामलला के दर्शन को, कहा आस्था पर न हो राजनीति

मुंबई। महाराष्ट्र में कोरोना के वायरस की महामारी से लोगों को बचाने के प्रयास में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अपनी सम्पूर्ण ताकत झोंक दी है। सरकारी स्तर पर प्रयास जारी है वे स्वयं भी टीवी और सोसल मिडिया के माध्यम से लोगों को जागरूक कर रहे हैं। ठाकरे लगातार कोशिश कर रहे हैं कि राज्य में लोगों तक यह वायरस नहीं आएं। उनकी इस चिंता से राज्य के नागरिक भी अभिभूत हैं।
ठाकरे ने गुरूवार को राज्य की जनता से फेसबुक लाइव पर सीधी बात की। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में महाराष्ट्र को उबारने के लिए जनता को पहल करनी होगी। सरकारी दिशानिर्देश का पालन करना होगा। सरकार हर स्तर पर जनता के साथ है। मुख्यमंत्री की शपथ लेने के बाद उन्होंने गुरूवार को पहली बार फेसबुक पर जनता को सम्बोधित किया और अपने दिल की बात जनता तक पहुंचाई।

ठाकरे की बात उनकी ही जुबानी

कोरोना वायरस के साथ लड़ाई बहुत कांटे की हो गई है। मुझे गर्व महसूस हो रहा है कि सरकार ने जनता को जो भी सूचना दी लोगों ने पालन की , लोगों ने धार्मिक स्थलों पर जाना कम कर दिया। अब भीड़ बहुत कम हो गई है। यह लोगों का विश्वास ही तो है , लेकिन उसके बाद भी भीड़ एक दम से ख़त्म करना है। आप से निवेदन है कि जरूरत न हो तो बिलकुल भी घर से ना निकालें , सजग रहे बहुत अच्छी बात है ,आप एक कदम सजग होंगे तो कोरोना का कीटाणु एक कदम पीछे होगा।


कोरोना के साथ लड़ाई को देखकर मुझे वर्ष 1971 की लड़ाई याद आ रही है। जब हमारी सेना सीना चौड़ाकर लड़ रही थी। लेकिन तब दौर कुछ और था। सेना तलवार ,बन्दुक और मिसाइल से लड़ी थी। अब वार अगेंस्ट वायरस से लड़ाई का दौर आया है। आज जिस तरह से हमारे डॉक्टर्स ,नर्स स्टाफ लड़ रहे है। वे बिलकुल 1971 के जवानों की याद दिलाते हैं। इस सेना को सहयोग करें , आप घर में रहकर उनकी मदद नहीं कर सकते हैं क्या ?

एयरपोर्ट पर जाँच के बाद क्वारेंटाइन होम से बाहर आने वालों को लेकर भेदभाव के मामले सामने आ रहे है। उन लोगों के प्रति दुर्व्यवहार हो रहा है। वे लोग भी अपने ही है। उनके साथ भेदभाव का व्यवहार ठीक नहीं है। उन्हें सम्मान दें, उनसे दूरी जरूर रखे। लेकिन उनका अनादर ना करें , मेरी अपील है उन क्वारेंटाइन वालों से भी की वे बाहर ना निकले , घर में रहकर हमारा साथ दें।
यह जो संकट है वह जात , पात ,धर्म को देखकर नहीं आता है। इसका एक जुट होकर मुकाबला किया तो वायरस हमरा कुछ नहीं बिगाड़ सकता है , चीन में पहले यह वायरस आया लेकिन अब चीन संकट से उबर गया है। हमे भी उबरना है। मुझे विश्वास है आपका साथ मिलेगा और हम जरूर वायरस को हराएंगे