
maha politics : मोदी ने यह कदम उठाया ...तो किसानो की दशा होगी और ख़राब !
मुंबई . बैंकोक में होने वाले एशियन शिखर सम्मलेन में प्रादेशिक व्यापक आर्थिक हिस्सेदारी (रीजनल कॉम्प्रेहेंसिव इकोनोमिक पार्टनरशिप - आरसेप ) करार का विरोध महाराष्ट्र के किसानो ने किया है . प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में एशिया के अग्रिण देशों के प्रतिनिधियों के बीच होने वाले इस करार पर हस्ताक्षर होने जा रहा है . जिसका विरोध महाराष्ट्र के किसान संगठनो ने सोमवार को मंत्रालय के सामने दूध बहाकर किया . दूध की थैली फाड़कर सड़क पर दूध बहा कर किसानो ने अपना विरोध प्रकट किया . हालांकि मौके पर उपस्थित पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया .
बैंकोक में आयोजित एशियान शिखर सम्मलेन में भारत , आस्ट्रेलिया , जापान , दक्षिण कोरिया आदि अग्रिण देशों के प्रतिनिधि इस करार पर हस्ताक्षर करने वाले हैं . सरकार का मानना है कि इस करार पर हस्ताक्षर होने के बाद सभी एशियाई देश के क्षेत्रीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा .इन देशों में व्यापार के लिए उत्पाद आयत व् निर्यात के लिए कर में छुट मिलेगी .
केंद्र सरकार के इस नीति का राज्य के स्वाभिमान किसान संगठन के नेतृत्व में अन्य कई किसान संगठनो के कार्यकर्ताओं ने दूध फेंक कर अपना विरोध प्रकट किया .इस बारे में किसन संगठन नेता राजू शेट्टी ने कहा कि इस करार पर हस्ताक्षर के बाद दूध के आयत पर कर कम हो जाएगा , अन्य राज्यों से दूध , सब्जी , फल आदि आसानी से आयत किया जा सकेगा इससे राज्य ही नहीं पुरे देश में किसानो को उनके उत्पाद का उचित मूल्य नहीं मिलेगा . ऐसे में किसानो कि दुर्दशा और ख़राब होगी
Published on:
04 Nov 2019 06:36 pm
