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अंबानी के वनतारा से जैन मठ लौटेगी ‘माधुरी’ हथिनी? भारी विरोध के बाद सरकार ने बुलाई बैठक

Maharashtra Mahadevi Madhuri Elephant : हाल ही में यह मामला तब सुर्खियों में आया, जब नांदनी मठ की 'माधुरी' हथिनी को अंबानी समूह के वनतारा वन्यजीव संरक्षण केंद्र में भेजा गया। इसके बाद कोल्हापुर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Aug 04, 2025

Devendra Fadnavis on Mahadevi Madhuri Elephant

Devendra Fadnavis on Madhuri Elephant

महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के शिरोल तालुका स्थित जैन मठ की हथिनी 'माधुरी' उर्फ 'महादेवी' को वन्यजीव संरक्षण केंद्र 'वनतारा' से वापस लाने की मांग तेज होती जा रही है। इस पर अब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis on Mahadevi Madhuri Elephant) ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ कहा है कि हथिनी के गुजरात स्थित 'वनतारा' भेजने को लेकर राज्य सरकार ने कोई निर्णय नहीं लिया है, बल्कि यह सुप्रीम कोर्ट का आदेश है, जिसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं है।               

अमरावती में पत्रकारों के सवाल पर मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि इस मुद्दे पर शिकायतें मिलने के बाद बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) में याचिका दायर की गई थी। अदालत ने एक हाई पावर कमिटी का गठन किया, जिसने अपनी रिपोर्ट में कहा कि महाराष्ट्र में हाथियों के लिए कोई अभयारण्य उपलब्ध नहीं है। इस आधार पर हाईकोर्ट ने हथिनी के स्थानांतरण का फैसला सुनाया। बाद में इस निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई, लेकिन शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखा। इसी के तहत अब 'माधुरी' हथिनी को महाराष्ट्र से बाहर भेजे जाने की प्रक्रिया हुई है।

सीएम ने बुलाई बैठक

सीएम फडणवीस ने यह भी कहा कि यह सुप्रीम कोर्ट का आदेश है, इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं है। लेकिन वह भक्तों की भावनाओं को समझते हैं, और इसी कारण इस मुद्दे पर संबंधित विधायकों के साथ चर्चा के लिए मंगलवार को एक बैठक आयोजित की गई है।

गौरतलब है कि बॉम्बे हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद महादेवी हथिनी को गुजरात के जामनगर स्थित अंबानी परिवार के वन्यजीव संरक्षण केंद्र 'वनतारा' भेजा गया। इसके बाद कोल्हापुर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुआ। लोगों ने भावुक होकर हथिनी को विदाई दी, इस दौरान पुलिस के वाहनों पर आक्रोशित लोगों ने पत्थरबाजी भी की। इसके अलावा विरोध में जियो के बहिष्कार का आह्वान भी किया जा रहा है। महादेवी यानी माधुरी हथिनी की वापसी के लिए हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया।

वनतारा क्यों भेजा?

36 वर्षीय हथिनी ‘महादेवी’ तीन दशकों से अधिक समय तक नंदनी में श्री जिनसेन भट्टारक पट्टाचार्य महास्वामी जैन मठ में थी। उसे इस सप्ताह की शुरुआत में अदालत के फैसले के बाद वनतारा के राधे कृष्ण मंदिर हाथी कल्याण ट्रस्ट में स्थानांतरित कर दिया गया। महादेवी को कथित तौर पर 1992 में कर्नाटक से कोल्हापुर मठ में लाया गया था और तब वह लगभग तीन साल की थी। उसने कथित तौर पर 2017 में मुख्य पुजारी को बार-बार दीवार पर पटक कर मार डाला था। कहा जा रहा है कि महादेवी को पैरों में सड़न, पैर के नाखून बड़े होना, गठिया और लगातार सिर हिलाना जैसी समस्या थी। उसके बिगड़ते स्वास्थ्य और मनोवैज्ञानिक स्थिति को देखते हुए कोर्ट ने उसे वनतारा भेजा।

बता दें कि वन्यजीव संरक्षण और पुनर्वास केंद्र 'वनतारा' की स्थापना दिग्गज उद्योगपति मुकेश अंबानी के बेटे अनंत अंबानी ने की है। वनतारा रिलायंस इंडस्ट्रीज और रिलायंस फाउंडेशन द्वारा समर्थित है। गुजरात में जामनगर रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स के भीतर स्थित वनतारा 3000 एकड़ में फैला हुआ है।