
अपहरण मामले में युवती के वीडियो से आया नया मोड़ (Photo: IANS)
महाराष्ट्र के पुणे जिले के बारामती में 21 साल की वैष्णवी थोरात की किडनैपिंग के मामले में नया मोड़ आ गया है। वैष्णवी के परिवार ने आरोप लगाया था कि उसे उसकी मां और भाई के सामने किडनैप किया गया था, लेकिन अब खुद वैष्णवी ने एक वीडियो जारी किया है। इस बीच, लड़की को जल्द सुरक्षित वापस लाने की मांग को लेकर हिंदुत्ववादी कार्यकर्ताओं ने बड़ा मोर्चा निकाला, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। इसका नेतृत्व भाजपा विधायक गोपीचंद पडलकर और एनसीपी विधायक संग्राम जगताप ने किया।
वैष्णवी थोरात के कथित वीडियो में उसने किडनैपिंग के आरोप से इनकार किया है। उसने वीडियो में कहा, “मेरा नाम वैष्णवी राजू थोरात है। मैं जहीर शेख के साथ पिछले 9 साल से प्रेम संबंध में हूं। जो घटना हुई है, उसमें मुझ पर कोई जबरदस्ती नहीं की गई। मैं अपनी मर्जी से आई हूं। मेरा अपहरण (किडनैप) नहीं हुआ है। लोगों ने अफवाह फैलाई है, उस पर विश्वास न करें।"
पुलिस को पहले से ही संदेह है कि लड़की और आरोपी के बीच मिलीभगत है, यह प्रेम प्रसंग का मामला हो सकता है। आरोपियों की पहचान जहीर शेख और अयान शेख के रूप में हुई है, जिनके खिलाफ भिगवन पुलिस स्टेशन में अपहरण का मामला दर्ज किया गया है। दोनों आरोपी भी उसी गांव के बताये जा रहे है।
हालांकि, वैष्णवी के वीडियो को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा नेता गोपीचंद पडलकर ने आरोप लगाया कि लड़की पर दबाव डालकर यह वीडियो बनवाया गया है। उन्होंने कहा कि आरोपी पक्ष ने किसी अलग ऐप के माध्यम से वीडियो भेजा है, जिसमें लोकेशन ट्रेस नहीं हो रही। पहले वीडियो पुलिस को और बाद में परिजनों को भेजा गया।
पडलकर ने दावा किया कि लड़की का विवाह तय हो चुका था और कुछ ही दिनों में शादी होने वाली थी। आरोपी के परिवार का आपराधिक इतिहास रहा है और वे इलाके में दहशत फैला रहे हैं।उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी के चाचा पर पहले भी गंभीर आरोप लग चुके हैं। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि इतने मामलों के बावजूद पुलिस ने अब तक मकोका जैसी सख्त धाराओं के तहत कार्रवाई क्यों नहीं की। उन्होंने कहा कि वे इस संबंध में अधिकारियों से मिलेंगे।
उधर, इस पूरे मामले पर विधायक संग्राम जगताप ने भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह के वीडियो या दबाव की स्थिति में नागरिकों को भ्रमित नहीं होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि संबंधित युवती सामने नहीं आती है तो 20 फरवरी को फिर से आंदोलन होगा। जगताप ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं की जा रही।
फिलहाल वीडियो की सत्यता और आरोपों की जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो पाएगी।
यह घटना मंगलवार शाम को इंदापुर तालुका के भिगवन पुलिस थाना क्षेत्र में घटी। पीड़ित परिवार द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के अनुसार, यह घटना 17 फरवरी को शाम लगभग 4 बजे हुई, जब युवती अपनी मां और भाई के साथ शादी की खरीदारी कर घर लौट रहे थे। रास्ते में दो मुस्लिम युवकों ने उन्हें रोका और मां-भाई की आंखों में मिर्च पाउडर झोंक दिया। जब तक वे कुछ समझ पाते, आरोपी युवती को जबरन चार पहिया वाहन में बैठाकर ले गए।
युवती की शादी 22 फरवरी को तय थी। इस वजह से घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया। युवती का परिवार, रिश्तेदार और ग्रामीण सड़क पर उतर आये और पुलिस के सामने धरना दिया। पुणे-सोलापुर हाईवे जाम कर दिया। बुधवार को स्थानीय बाजार भी बंद रहे। अब सबकी नजरें पुलिस जांच पर टिकी है।
Updated on:
19 Feb 2026 01:51 pm
Published on:
19 Feb 2026 01:51 pm
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