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‘एकनाथ शिंदे को कॉन्ट्रैक्ट किलर की तरह यूज कर रही BJP, 5 सरकारी बंगलों पर किया कब्जा..’, ठाकरे गुट का बड़ा आरोप

Uddhav Thackeray vs Eknath Shinde: ‘सामना’ में कहा गया कि एकनाथ शिंदे को शिवसेना पार्टी को तोड़ने के लिए इनाम के तौर पर मुख्यमंत्री का पद मिला। बीजेपी शिवसेना को रास्ते से हटाने के लिए एकनाथ शिंदे को कॉन्ट्रैक्ट किलर की तरह इस्तेमाल कर रही है।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Oct 16, 2022

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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे

Shiv Sena mouthpiece Saamana Editorial: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) की आलोचना करने का कोई मौका नहीं छोड़ने वाले शिवसेना के ठाकरे खेमे ने अब एक नया आरोप लगाया है। ठाकरे गुट ने दावा किया है कि सीएम शिंदे एक साथ पांच सरकारी बंगलो का इस्तेमाल कर रहे हैं। महाराष्ट्र की राजनीति में यह एक रिकॉर्ड है कि मुख्यमंत्री पद पर एक 'निस्वार्थ व्यक्ति' एक ही समय में पांच-छह बंगलों पर कब्जा करके बैठा है।

शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट ने सामना अखबार के संपादकीय में एकनाथ शिंदे पर जुबानी हमला बोला है। इस में मुख्यमंत्री पर आपत्तिजनक टिप्पणी भी की गई है। ठाकरे गुट ने आरोप लगाया है कि जब एकनाथ शिंदे उद्धव ठाकरे की कैबिनेट में थे, तब शिंदे ने अपने आवास के लिए 'नंदनवन' बंगला लिया था। फिर उन्होंने दो सरकारी बंगलों को मिलाकर 'नंदनवन' बंगले का विस्तार किया। मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने घोषणा की कि वह सीएम के रूप में 'नंदनवन' में रहेंगे, लेकिन अब उन्होंने 'नंदनवन' के साथ ही 'वर्षा' पर भी कब्जा कर लिया है। इसके बाद अब कार पार्किंग और मुलाकात के लिए आने वाली भीड़ के बहाने उन्होंने 'अग्रदूत' और 'तोरणा' बंगलों पर भी कब्जा कर लिया। यह भी पढ़े-Maharashtra: ‘भाजपा बन गई भारतीय जनता लॉन्ड्री पार्टी..’, सुप्रिया सुले ने BJP पर बोला तीखा हमला

उद्धव गुट की ओर से अखबार में आगे कहा गया “उन्होंने आगे बढ़कर पार्टी कार्यालय के लिए जगह चाहिए कहते हुए मंत्रालय के सामने 'ब्रह्मगिरी' बंगले पर भी नियंत्रण हासिल कर लिया। 'सामना' में कहा गया है कि मुख्यमंत्री के पद पर रहते हुए 'निस्वार्थ व्यक्ति' का एक ही समय में पांच-छह बंगलों पर नियंत्रण होना, महाराष्ट्र की राजनीति में एक रिकॉर्ड है।“ हालांकि अभी तक शिंदे खेमे ने उद्धव गुट के इन आरोपों पर कोई जवाब नहीं दिया है।


एकनाथ शिंदे के बारे में कही ये विवादित बातें

‘सामना’ में आगे कहा गया कि एकनाथ शिंदे को शिवसेना पार्टी को तोड़ने के लिए इनाम के तौर पर मुख्यमंत्री का पद मिला। नारायण राणे और छगन भुजबल द्वारा शिवसेना के खिलाफ विद्रोह करने के बाद यह हासिल नहीं हुआ था। लेकिन एकनाथ शिंदे ने राज्य का नेतृत्व करने और एक नेता के रूप में अपनी प्रतिष्ठा अर्जित करने का अवसर गंवा दिया। बीजेपी शिवसेना को रास्ते से हटाने के लिए एकनाथ शिंदे को कॉन्ट्रैक्ट किलर की तरह इस्तेमाल कर रही है। लोगों को यह पसंद नहीं आयेगा। महाराष्ट्र का इतिहास और हिंदू धर्मशास्त्र बताते है कि इस तरह के कॉन्ट्रैक्ट किलर का बुरा राजनीतिक अंत होता है। अभी समय नहीं बीता और एकनाथ शिंदे के पास मौका है।