6 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Maharashtra Politics: एकनाथ शिंदे का विरोधियों को ओपन चैलेंज, कहा- 50 में से एक भी विधायक हारा तो राजनीति छोड़ दूंगा

Maharashtra Political News: मुंबई में एक राजनीतिक कार्यक्रम में बोलते हुए शिवसेना के कद्दावर नेता रहे एकनाथ शिंदे ने कहा "सभी विरोधी एक स्वर में कह रहे हैं कि 50 में से एक भी विधायक निर्वाचित नहीं होगा। मैं उन्हें बताना चाहता हूं, पिछले विद्रोह अलग थे। तब स्थिति अलग थी। अब जो हुआ वह विद्रोह नहीं है। 50 में से कोई भी विधायक हारा तो राजनीति छोड़ दूंगा।“

2 min read
Google source verification

मुंबई

image

Dinesh Dubey

Jul 15, 2022

Eknath Shinde ED Raid on Sanjay Raut

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शुक्रवार को अपने विरोधियों पर कड़ा प्रहार बोला है। उन्होंने दावा किया कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंकने वाले उनके खेमे के किसी भी विधायक की हार नहीं होगी. उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगर उनका साथ देने वाला कोई भी विधायक चुनाव में हारता है तो वह राजनीति से सन्यास ले लेंगे।

मुंबई में एक राजनीतिक कार्यक्रम में बोलते हुए शिवसेना के कद्दावर नेता रहे एकनाथ शिंदे ने कहा "सभी विरोधी एक स्वर में कह रहे हैं कि 50 में से एक भी विधायक निर्वाचित नहीं होगा। मैं उन्हें बताना चाहता हूं, पिछले विद्रोह अलग थे। तब स्थिति अलग थी। अब जो हुआ वह विद्रोह नहीं है। 50 में से कोई भी विधायक हारा तो राजनीति छोड़ दूंगा।“ यह भी पढ़े-बुलेट ट्रेन टर्मिनस के लिए दिसंबर तक BKC में मिल जाएगी जमीन, शिंदे सरकार के आने से प्रोजेक्ट को मिली डबल रफ्तार

शिवसेना विधायक और पूर्व मंत्री अब्दुल सत्तार ने मुंबई के रवींद्र नाट्य मंदिर में नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के सम्मान में आज एक कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्य्रकम को संबोधित करते हुए एकनाथ शिंदे ने कहा कि एक-दो विधायक आ जाते तो समझा जा सकता था, लेकिन पचास विधायक बिना किसी मांग के मेरे साथ आ जाते हैं, मुझ पर विश्वास करते है, यह मेरे लिए बहुत बड़ी बात है।

एकनाथ शिंदे ने कहा, "विपक्ष चाहे जितनी बार कहे, बागी विधायक नहीं चुने जाएंगे। लेकिन मैं जोर देकर कहता हूं कि एक भी विधायक नहीं हारेगा और अगर 50 में से कोई विधायक नहीं सफल होता है तो मैं राजनीति से संन्यास ले लूंगा।"

शिंदे ने आगे कहा "कई लोग कह रहे थे कि मैंने विद्रोह के समय राजनीतिक आत्महत्या कर ली। लेकिन मैं जो कर रहा था उससे पूरी तरह वाकिफ था। मैं विद्रोह के दौरान 3 दिन और 3 रात नहीं सोया था। मैं अपने राजनीतिक करियर से नहीं डरता था। क्योंकि मुझे 50 विधायकों के भविष्य की चिंता थी।“

गौरतलब हो कि बता दें कि पिछले महीने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना के अधिकतर विधायकों ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बगावत कर दिया था, जिससे उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली एमवीए (MVA) सरकार गिर गई थी। एमवीए में शिवसेना के साथ एनसीपी और कांग्रेस भी हिस्सा थे। जिसके बाद 30 जून को शिंदे ने मुख्यमंत्री के रूप में और देवेंद्र फडणवीस ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। फ़िलहाल यह सियासी जंग देश की शीर्ष कोर्ट और चुनाव आयोग में भी लड़ी जा रही है।