
महाराष्ट्र के लातूर में सनसनीखेज हत्याकांड (Patrika Photo)
महाराष्ट्र के लातूर जिले के औसा तालुका में एक ऐसी वारदात सामने आई है जिसे सुनकर रूह कांप जाए। वानवडा रोड पर रात के सन्नाटे में एक कार धू-धू कर जल उठी। कार के भीतर एक जला हुआ शव मिला, जिसके हाथ में मौजूद कड़े को देखकर परिजनों ने दावा किया कि मृतक गणेश गोपीनाथ चव्हान (35) है। लेकिन जब पुलिस ने गहराई से जांच की तो एक ऐसा सच सामने आया जिसने सभी के होश उड़ा दिए।
दरअसल, जो शख्स कार में जलकर मरा था वो गणेश नहीं, बल्कि एक बेगुनाह बुजुर्ग गोविंद यादव थे। गणेश ने 1 करोड़ रुपये के टर्म इंश्योरेंस के लिए खुद की हत्या का यह खौफनाक ड्रामा रचा था। गणेश 13 दिसंबर की रात करीब 10 बजे घर से दोस्त को लैपटॉप देने की बात कहकर निकला था और फिर वापस नहीं लौटा।
शुरुआत में मामला दुर्घटना का लग रहा था। कार बलीराम राठौड़ के नाम था। जब पुलिस ने पूछताछ की तो पता चला कि कार उनका साला गणेश इस्तेमाल कर रहा था। गणेश की पत्नी ने भी उसके गायब होने की पुष्टि की। बाद में परिवार ने ही जली हुई लाश के पास मिले कड़े को देखकर उसकी पहचान गणेश के तौर पर की, लेकिन पुलिस जांच में सच बेनकाब हो गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि बैंक में लोन रिकवरी एजेंट गणेश चव्हान पर भारी कर्ज था। इससे बचने के लिए उसने अपनी मौत का नाटक करने का प्लान बनाया। 13 दिसंबर की रात गणेश को रास्ते में नशे की हालत में गोविंद यादव मिले। गोविंद ने लिफ्ट मांगी और यहीं से गणेश का शैतानी दिमाग चलने लगा।
गणेश ने बुजुर्ग को चिकन खिलाया और जब वह नशे में गहरी नींद में सो गया, तो उसे ड्राइविंग सीट पर बिठाकर सीट बेल्ट लगा दी। अपनी पहचान देने के लिए गणेश ने अपने हाथ का कड़ा बुजुर्ग के हाथ में पहना दिया। इसके बाद वानवडा फाटा के पास सुनसान जगह पर कार को आग लगा दी और खुद वहां से फरार हो गया।
हत्या के बाद गणेश औसा से पैदल निकला और फिर कोल्हापुर होते हुए कोंकण के सिंधुदुर्ग जिले के विजयदुर्ग में जाकर छिप गया। हर कोई मान चुका था कि गणेश की मौत हो गई है, दोस्तों और रिश्तेदारों ने तो सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि भी दे दी थी।
लेकिन गणेश ने एक बड़ी गलती कर दी। जिस गर्लफ्रेंड के लिए उसने यह सारा खेल रचा था, उससे बात करने के चक्कर में वह पकड़ा गया। उसने एक अनजान नंबर से अपनी गर्लफ्रेंड को फोन किया। पुलिस ने जब कॉल डिटेल्स खंगाली, तो लोकेशन ट्रेस हुई। लातूर पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर जाल बिछाकर उसे सिंधुदुर्ग से गिरफ्तार कर लिया।
Updated on:
16 Dec 2025 01:42 pm
Published on:
16 Dec 2025 01:42 pm
