4 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

महाराष्ट्र में किसानों का पैदल मार्च स्थगित, किसान नेता जीवा पांडू ने किया आंदोलन वापस लेने का ऐलान

Maharashtra Farmers March Postponed: मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता एवं पूर्व विधायक जीवा गावीत इस मार्च की अगुवाई कर रहे हैं। किसान नेता जीवा पांडू ने बताया कि जिला कलेक्टर ने सरकार द्वारा उनकी मांगों को माने जाने संबंधित निवेदन कॉपी दी है।

2 min read
Google source verification

मुंबई

image

Dinesh Dubey

Mar 18, 2023

maharashtra_farmers_march.jpg

किसानों के मुंबई मार्च की तस्वीर

Maharashtra Farmers Protest: महाराष्ट्र में पिछले कई दिनों से जारी किसान आंदोलन आखिरकार स्थगित हो गया है. किसान नेता जीवा पांडू गावीत (Jiva Pandu Gavit) ने शनिवार सुबह यह घोषणा की। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए बताया कि राज्य सरकार ने हमारी 70 प्रतिशत मांगों को मान लिया है। इसलिए, हम अपना पैदल मार्च वापस ले रहे हैं। अपनी मांगों को लेकर पिछले रविवार को डिंडोरी से हजारों किसानों और आदिवासियों का 200 किलोमीटर पैदल मार्च शुरू हुआ था। यह मुंबई से लगभग 80 किमी दूर ठाणे जिले के वासिंद शहर में पहुंच गया है।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता एवं पूर्व विधायक जीवा गावीत इस मार्च की अगुवाई कर रहे हैं। किसान नेता जीवा पांडू ने बताया कि जिला कलेक्टर ने सरकार द्वारा उनकी मांगों को माने जाने संबंधित निवेदन कॉपी दी है। उन्होंने पुलिस, कलेक्टर और राज्य सरकार को धन्यवाद देते हुए आंदोलन स्थगित करने का ऐलान किया है। यह भी पढ़े-महाराष्ट्र के अमरावती में बनेगा 10 हजार करोड़ का मेगा टेक्सटाइल पार्क, इतने लाख लोगों को मिलेगा रोजगार

पूर्व विधायक जीवा पांडु गावित ने मीडिया से बातचीत में कहा, सरकार से कुछ मांगों पर सकारात्मक चर्चा हुई है। कुछ मांगें एक महीने में लागू होंगी। जबकि कुछ मांगें केंद्र सरकार से संबंधित हैं, इसलिए उन्हें राज्य सरकार केंद्र के पास भेजेगी। उन्होंने कहा, किसानों की मांगों पर अमल करने के लिए एक कमेटी गठित करने का निर्णय लिया गया है। हमारी 70 फीसदी मांगें मान ली गई हैं। खुद कलेक्टर ने हमें इसकी जानकारी दी है। इसलिए हम अपना आंदोलन वापस ले रहे हैं।

इसे पहले महाराष्ट्र सरकार के आश्वासन के बाद किसानों ने अपना पैदल मार्च मुंबई से सटे ठाणे जिले में रोक दिया था। साथ ही कहा था कि अगर उनके मुद्दों के समाधान के लिए सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गता तो वह मुंबई की तरफ कूच करेंगे।

किसानों की मांगों में प्याज उत्पादकों को तत्काल 600 रुपये प्रति कुंटल की वित्तीय राहत देना, लगातार 12 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना और कृषि ऋण माफा करना आदि शामिल हैं।

हजारों की संख्या में किसानों और आदिवासियों ने उत्तर महाराष्ट्र के नासिक जिले स्थित डिंडोरी कस्बे से गत रविवार को कूच किया था और मुंबई से करीब 80 किलोमीटर दूर वसिंद पहुंच गए थे।

CM शिंदे ने विधानसभा में दी जानकारी

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शुक्रवार को विधानसभा में बताया कि बेमौसमी बारिश और कम कीमत की वजह से नुकसान का सामना कर रहे प्याज उत्पादकों को प्रति कुंतल 350 रुपये की दर से वित्तीय राहत दी जाएगी। उन्होंने कहा कि वन पर अधिकार, वन भूमि पर अतिक्रमण, मंदिर न्यासों और चारागाह की जमीन किसानों को हस्तांतरित करने सहित 14 सूत्रीय मांग पर उनकी बात किसानों के प्रतिनिधियों से हुई है। शिंदे ने कहा कि लिए गए फैसलों को तत्काल लागू किया जाएगा।

सीएम ने कहा कि कैबिनेट की उप-समिति गठित की जाएगी जो किसानों के कब्जे में मौजूद चार हेक्टयर तक वन भूमि के दावे संबंधी मांग की निगरानी करेगी। उन्होंने कहा कि समिति एक महीने में रिपोर्ट तैयार करेगी और वन अधिकार अधिनियम के तहत लंबित दावों की भी निगरानी करेगी। इस कमेटी में जीवा पांडु और मौजूदा विधायक विनोद निकोले भी होंगे।

बड़ी खबरें

View All

मुंबई

महाराष्ट्र न्यूज़

ट्रेंडिंग