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महाराष्ट्र: मराठवाडा में रोज 3 किसान कर रहे आत्महत्या, कृषि मंत्री के जिले का सबसे बुरा हाल

Maharashtra Farmers Suicide: पिछले साल 1 जनवरी से 31 दिसंबर 2022 तक मराठवाडा में 1 हजार 22 किसानों की आत्महत्या के मामले सामने आए थे। वहीं, इस साल आठ महीने के भीतर यह आंकड़ा 685 तक पहुंच गया है।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Sep 11, 2023

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महाराष्ट्र के 40 तालुकाओं में सूखा घोषित

Farmers Suicide in Marathwada: महाराष्ट्र के मराठवाडा (Marathwada) क्षेत्र में अन्नदाताओं की आत्महत्या (Farmers Suicide) की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। राज्य सरकार के तमाम दावों के बावजूद मराठवाडा में किसानों की आत्महत्याएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। इस बीच, औरंगाबाद जिले (Aurangabad) में एक ही दिन तीन किसानों ने अपनी जान दे दी। जिसमें से दो किसानों ने जहर खाया है और एक ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली है।

पिछले तीन-चार सालों से भारी बारिश की मार झेल रहे मराठवाडा में इस साल बारिश की कमी से हालात गंभीर हो गए हैं और किसान संकट में हैं। ऐसे में अन्नदाताओं के आत्महत्या के मामले बढ़ रहे है। पिछले आठ महीनों में करीब 685 किसानों ने आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम उठाया है। यह भी पढ़े-Maharashtra: मराठवाड़ा में 6 महीने में 483 किसानों ने की आत्महत्या!

आंकड़ों पर गौर करें तो प्रतिदिन मराठवाडा क्षेत्र में 2 से 3 किसान आत्महत्या कर रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि सबसे ज्यादा किसान राज्य के कृषि मंत्री धनंजय मुंडे (Dhananjay Munde) के जिले बीड (Beed News) में मौत को गले लगा रहे हैं।

मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद एकनाथ शिंदे ने दावा किया कि उनका पहला प्रयास राज्य में किसानों की आत्महत्या को रोकना होगा। हालांकि, आत्महत्या रोकने के लिए सरकारी स्तर पर की जा रही कोशिशें भी नाकाम होती दिख रही हैं।

राज्य के किसान कर्ज, फसल का खराब होना जैसे विभिन्न कारणों से बिगड़ी आर्थिक स्थिति की वजह से आत्महत्या कर रहे हैं। मराठवाडा में पिछले आठ महीनों में 1 जनवरी से 31 अगस्त 2023 तक मराठवाडा में 685 किसानों ने विभिन्न कारणों से अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली है।

पिछले साल यानी 1 जनवरी से 31 दिसंबर 2022 तक मराठवाडा में 1 हजार 22 किसानों की आत्महत्या के मामले सामने आए थे। वहीं, इस साल आठ महीने के भीतर यह आंकड़ा 685 तक पहुंच गया है। साथ ही मराठवाडा में आत्महत्या की दर चिंताजनक बताई जा रही है।


बीते 3 साल के आंकड़े...

1 जनवरी से 31 दिसंबर 2020 के बीच मराठवाडा में 773 किसानों ने आत्महत्या की।

1 जनवरी से 31 दिसंबर 2021 के बीच मराठवाडा में 887 किसानों ने आत्महत्या की।

1 जनवरी से 31 दिसंबर 2022 के बीच मराठवाडा में 1022 किसानों ने आत्महत्या की।

1 जनवरी से 31 अगस्त 2023 तक आठ महीनों में कुल 685 किसानों ने की आत्महत्या (देखें आंकड़े)

औरंगाबाद जिला- 95 किसानों ने की आत्महत्या
जालना जिला- 50 किसानों ने की आत्महत्या
परभणी जिला- 58 किसानों ने की आत्महत्या
हिंगोली जिला- 22 किसानों ने की आत्महत्या
बीड जिला- 186 किसानों ने की आत्महत्या
लातूर जिला- 51 किसानों ने की आत्महत्या
नांदेड जिला- 110 किसानों ने की आत्महत्या
उस्मानाबाद जिला- 113 किसानों ने की आत्महत्या