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Maharashtra: विदर्भ में अन्नदाताओं की आत्महत्या से हाहाकार! 72 घंटे में 9 किसानों ने दी जान, अगस्त में 51 ने मौत को लगाया गले

Maharaashtra Farmer Suicide News: भारी बारिश से यवतमाल जिला सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। बारिश से किसानों को काफी नुकसान हुआ है। इसलिए माना जा रहा है कि डिप्रेशन के चलते यहाँ के किसानों ने सबसे ज्यादा आत्महत्या की है।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Oct 12, 2022

626 Farmers committed Suicide in Marathwada in 237 days

मराठवाड़ा में 237 दिनों के भीतर 626 किसानों ने की खुदकुशी

Maharashtra Farmers News: भारी बारिश से फसलों को हुए नुकसान के कारण महाराष्ट्र के विदर्भ में किसान आत्महत्या (Farmers Suicide News) की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। विदर्भ में अगस्त महीने में 51 किसानों ने आत्महत्या की थी। जबकि सितंबर महीने के शुरू के 12 दिनों में ही 12 किसानों ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी।

विदर्भ में किसान आत्महत्या की समस्या दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है। पिछले 72 घंटों में 9 किसानों ने अपनी जान दे दी है। विदर्भ के तीन जिलों अमरावती, भंडारा, अमरावती में अन्नदाताओं के आत्महत्या का सिलसिला जारी है। इन तीन जिलों में तीन दिनों में किसानों की खुदकुशी के आंकड़े चिंताजनक हैं। यह भी पढ़े-Farmer Suicide: 'हैप्पी बर्थडे मोदी साहब...', महाराष्ट्र में किसान ने की आत्महत्या, प्रशासन पर उठे सवाल

मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले 72 घंटों में अकेले अमरावती जिले में 3 किसानों ने आत्महत्या कर ली। यवतमाल में 5 किसानों ने अपनी जिंदगी समाप्त की। भंडारा जिले में एक किसान ने मौत को गले लगा लिया।

भारी बारिश से यवतमाल जिला सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। बारिश से किसानों को काफी नुकसान हुआ है। इसलिए माना जा रहा है कि डिप्रेशन के चलते यहाँ के किसानों ने सबसे ज्यादा आत्महत्या की है।

आत्महत्या करने वाले अधिकांश किसान छोटे किसान हैं। जो कर्ज के बोझ से दबे हुए है, उपर से बारिश ने उनकी फसलों को नुकसान पहुंचाकर उन्हें गहरे आर्थिक संकट में धकेल दिया है। इसलिए यह किसान आत्महत्या जैसा घोर कदम उठा रहे है। हालांकि किसानों की आत्महत्याओं को रोकने के लिए सरकार जरूरी कदम उठा रही है, लेकिन उसे जमीन पर उतारने में देरी हो रही है, नतीजतन आत्महत्या का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।