
गोंदिया जिले के कई गांवों में पानी की किल्लत
Gondia News: महाराष्ट्र में इस समय बेमौसम बारिश (Maharashtra Unseasonal Rains) का कहर जारी है। बेमौसम बारिश से हजारों एकड़ फसल बर्बाद हो गई। जहां एक ओर तेज बारिश हो रही है, वहीं दूसरी ओर गोंदिया जिले के हजारों लोग पानी की बूंद-बूंद के लिए तरस रहे हैं। हालत अब यह है कि ग्रामीण पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। लेकिन सरकारी महकमा आंखें मूंदे बैठा है।
जानकारी के अनुसार, गोंदिया जिले के आमगाव परिषद के अंतर्गत आने वाले आठ गांव पुरानी पेंशन की मांग को लेकर चल रहे सरकारी कर्मचारियों के हड़ताल से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। इन गांवों में पिछले चार दिनों से पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। इससे नागरिकों के सामने भीषण जल संकट खड़ा हो गया है। यह भी पढ़े-महाराष्ट्र में सरकारी कर्मचारियों की हड़ताल 6वें दिन भी जारी, किसानों की मुश्किलें बढ़ी
96 घंटे से नहीं आया पानी
मालूम हो कि राज्य के हजारों सरकारी कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना को लागू करने की मांग को लेकर 14 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा हैं। जिसमें गोंदिया जिला के अंतर्गत आने वाले आठ गांव भी हैं। इस गांव में पिछले चार दिनों से पीने का पानी नहीं आया है. नगर परिषद द्वारा लगाये गये नल से पानी नहीं आने के कारण ग्रामीण पानी के लिए कड़ी मशक्कत कर रहे है. लोगों को कुएं और बोरवेल से पानी लेने के लिए दूर-दूर तक जाना पड़ रहा है।
40 हजार नागरिकों की जलापूर्ति बंद
महाराष्ट्र में मंगलवार सुबह से ही सरकारी कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। इस हड़ताल में नगर परिषद के कर्मचारी भी शामिल हैं। कर्मचारियों के काम नहीं करने से नगर परिषद द्वारा इन आठ गांवों को की जाने वाली जलापूर्ति बाधित हो गई है। इन आठ गांवों की आबादी 40 हजार बताई जाती है। महिलाओं को हो रही परेशानी को देखते हुए नगर परिषद संघर्ष समिति ने तहसीलदार के कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया। आक्रोशित ग्रामीणों ने जल्द से जल्द पानी की सप्लाई शुरू करने की मांग की है।
Published on:
19 Mar 2023 07:29 pm
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