10 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

एक्शन मोड में महाराष्ट्र सरकार, बांग्लादेशियों के जन्म प्रमाण पत्र रद्द करने के लिए बनाई टास्क फोर्स

Action on Bangladeshi Intruders : महाराष्ट्र में रहने वाले बांग्लादेशियों के अवैध जन्म प्रमाण पत्रों का सत्यापन टास्क फोर्स करेगी और 15 अगस्त तक उन्हें रद्द कर दिया जाएगा।

2 min read
Google source verification

मुंबई

image

Dinesh Dubey

Jul 31, 2025

CM Devendra Fadnavis

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Photo: CMO Maharashtra)

Maharashtra News: महाराष्ट्र सरकार अब राज्य में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ सख्त कदम उठाने जा रही है। महाराष्ट्र में रहने वाले बांग्लादेशियों के अवैध जन्म प्रमाण पत्रों का सत्यापन टास्क फोर्स करेगी और 15 अगस्त तक उन्हें रद्द कर दिया जाएगा। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बुधवार को ऐलान किया कि ऐसे बांग्लादेशी नागरिकों को जारी किए गए फर्जी जन्म प्रमाण पत्र 15 अगस्त तक रद्द कर दिए जाएंगे।

मंत्री बावनकुले ने बताया कि अब तक ऐसे 42,000 से अधिक मामलों का पता चला है, लेकिन वास्तविक संख्या इससे कहीं ज्यादा हो सकती है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे मामलों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करें। इसके लिए टास्क फोर्स गठित की गई है।

राजस्व मंत्री ने स्पष्ट किया कि इन फर्जी प्रमाण पत्रों की प्रतियां राजस्व विभाग और स्वास्थ्य विभाग को भेजी जाएंगी, ताकि रिकॉर्ड को दुरुस्त किया जा सके और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जा सके।

इस साल की शुरुआत में भाजपा नेता किरीट सोमैया ने आरोप लगाया था कि बांग्लादेशी नागरिकों को जाली दस्तावेजों के आधार पर जन्म प्रमाण पत्र जारी किए गए। इस मामले के सामने आने के बाद मालेगांव में तैनात दो अधिकारियों को निलंबित भी किया गया था।

पूर्व भाजपा सांसद सोमैया ने हाल ही में दावा किया था कि महाराष्ट्र सरकार ने पिछले दो महीनों में 42,191 जन्म प्रमाण पत्र रद्द कर दिए हैं जो बांग्लादेश से आए अयोग्य व्यक्तियों को जारी किए गए थे। अकेले अकोला शहर में ऐसे 3,948 प्रमाण पत्र जारी किए गए और अमरावती में यह संख्या 2,823 थी। महाराष्ट्र में घुसपैठियों के लिए कोई जगह नहीं है।

सोमैया ने आरोप लगाते हुए कहा कि बांग्लादेशी जन्म प्रमाण पत्र घोटाला महाराष्ट्र में वर्ष 2024 में हुआ था। नायब तहसीलदार को जन्म प्रमाण पत्र जारी करने का कोई अधिकार नहीं, फिर भी उन्होंने लगभग 40 हजार लोगों को गैरकानूनी तरीके से जन्म प्रमाण पत्र दिए। ऐसे मामले सबसे ज्यादा अकोला, अमरावती, नागपुर और मालेगांव जिले में है।