9 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

कर्नाटक सरकार के फैसले ने बढ़ाई महाराष्ट्र की टेंशन, CM फडणवीस ने केंद्र से लगाई गुहार

Maharashtra Karnataka Almatti Dam Issue: सीएम फडणवीस ने चेताया है कि यह प्रस्तावित योजना महाराष्ट्र के सांगली और कोल्हापुर जिलों के लोगों की आजीविका और सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है।

2 min read
Google source verification

मुंबई

image

Dinesh Dubey

Aug 01, 2025

Devendra Fadnavis Eknath Shinde

सीएम फडणवीस और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे (Photo: IANS)

महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच एक बार फिर जल विवाद ने तूल पकड़ लिया है। इस बार मामला कर्नाटक सरकार द्वारा अलमाटी बांध (Almatti Dam) की ऊंचाई बढ़ाने की प्रस्तावित योजना को लेकर है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग करते हुए जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल को पत्र लिखा है। फडणवीस ने पत्र में कहा है कि कर्नाटक सरकार द्वारा अलमट्टी डैम की ऊंचाई बढ़ाकर जलाशय स्तर 524.256 मीटर तक करने की योजना महाराष्ट्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

सीएम फडणवीस ने चेताया है कि इस प्रस्तावित योजना से महाराष्ट्र के सांगली और कोल्हापुर जिलों के लोगों की आजीविका और सुरक्षा पर खतरा मंडरा सकता है। उन्होंने केंद्र से अनुरोध किया है कि वह कर्नाटक सरकार को इस योजना पर पुनर्विचार करने का निर्देश दे, ताकि कृष्णा नदी प्रणाली पर निर्भर समुदायों के हितों की रक्षा की जा सके। फडणवीस ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि इस मामले में केंद्र सरकार का हस्तक्षेप प्रभावित क्षेत्रों को बहुत राहत देगा।

इस मुद्दे पर कर्नाटक सरकार की प्रतिक्रिया भी सामने आ चुकी है। राज्य के गृहमंत्री जी परमेश्वर ने महाराष्ट्र की आपत्तियों को खारिज करते हुए कहा है कि अलमट्टी डैम की ऊंचाई बढ़ाने का निर्णय पहले ही लिया जा चुका है। इस परियोजना के पीछे कोई अलग मंशा नहीं है, बल्कि तकनीकी और जल संसाधन से जुड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इसका कारण यह है कि कृष्णा जल विवाद न्यायाधिकरण ने हमें 177 मीट्रिक टन पानी आवंटित किया है, लेकिन राज्य के पास उसे संग्रहित करने के लिए पर्याप्त जलाशय नहीं हैं। इस कारण से पानी बड़ी मात्रा में आंध्र प्रदेश चला जाता है, जिससे राज्य का नुकसान हो रहा है।

परमेश्वर ने यह भी कहा कि कर्नाटक को अपने हिस्से के पानी को बचाने और राज्य में ही उपयोग करने का अधिकार है। उन्होंने दो टूक कहा कि अगर महाराष्ट्र इस परियोजना को रोकने की कोशिश करता है, तो कर्नाटक केंद्र सरकार से संपर्क करेगा और अपना पक्ष मजबूती से रखेगा। उनका यह बयान संकेत देता है कि कर्नाटक सरकार इस योजना को लेकर पीछे हटने के मूड में नहीं है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हाल ही में कर्नाटक के मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में अलमाटी डैम की ऊंचाई बढ़ाने पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने आग्रह किया था कि वह महाराष्ट्र के कोल्हापुर और सांगली जिलों में बाढ़ से लोगों की सुरक्षा के लिए अलमाटी बांध की ऊंचाई को वर्तमान 519.6 मीटर से बढ़ाकर 524.256 मीटर के पूर्ण जलाशय स्तर (एफआरएल) तक करने की योजना पर फिर विचार करें। जबकि सिद्धारमैया ने फडणवीस को लिखे पत्र में अलमाटी में कृष्णा नदी पर लाल बहादुर शास्त्री जलाशय की ऊंचाई बढ़ाने के कर्नाटक सरकार के फैसले का बचाव किया।

बता दें कि अलमट्टी डैम को लेकर महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच पहले से टकराव चलता रहा है। महाराष्ट्र का आरोप है कि डैम का जलस्तर बढ़ने से पश्चिमी महाराष्ट्र के जिलों में बाढ़ का खतरा पैदा हो जाता है। वहीं कर्नाटक हमेशा से यह कहता आया है कि वह सिर्फ अपने हिस्से के पानी का इस्तेमाल करना चाहता है।