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महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला, किसानों के कर्जमाफी की सीमा 50 हजार से बढ़ाकर 2 लाख रुपए की

Maharashtra farm loan waiver 2026: महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कृषि कर्जमाफी योजना से 2 लाख रुपये की अधिकतम सीमा हटाने का एलान किया। वित्तीय वर्ष 2026-27 तक के बकाएदार होंगे पात्र, 56 लाख किसानों को मिलेगा 36,000 करोड़ का लाभ।
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मुंबई

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Imran Ansari

Jul 10, 2026

Devendra Fadnavis farmer loan waiver

Devendra Fadnavis farmer loan waiver

Devendra Fadnavis farmer loan waiver: महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार ने राज्य के किसानों के हक में एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को विधानसभा में घोषणा की कि नवीनतम कृषि कर्जमाफी योजना के तहत लगाई गई '2 लाख रुपये की अधिकतम सीमा' की शर्त को पूरी तरह से हटा दिया गया है। सरकार के इस कदम से उन हजारों किसानों को सीधा फायदा होगा, जो कर्ज की रकम 2 लाख रुपये से अधिक होने के कारण इस योजना के दायरे से बाहर हो गए थे। विपक्ष के 'अंतिम सप्ताह प्रस्ताव' पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री, जिनके पास वित्त मंत्रालय का भी प्रभार है, ने इस बड़े बदलाव का एलान किया।

'पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर कर्जमाफी योजना' का दायरा बढ़ा

मुख्यमंत्री ने बताया कि अब इस योजना का लाभ उन किसानों को भी मिलेगा जिनका बकाया कर्ज 2 लाख रुपए से अधिक है। इसके अलावा, सरकार ने योजना की समयसीमा को भी बढ़ा दिया है। पहले यह योजना वित्तीय वर्ष 2025-26 तक के बकायेदारों के लिए लागू थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर वित्तीय वर्ष 2026-27 तक के बकायेदारों के लिए लागू कर दिया गया है। उन्होंने कहा है कि इस 'पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर कृषि कर्जमाफी योजना' से राज्य के करीब 56 लाख किसानों को सीधा फायदा पहुंचेगा। यह एक ऐतिहासिक योजना है जिसके तहत सरकार कुल 36,000 करोड़ रुपए की सहायता राशि वितरित करेगी।'

'कर्जमाफी से कोई अमीर नहीं बनता, लेकिन यह मजबूरी है'

विपक्ष के हमलों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कर्जमाफी के फैसले का पुरजोर बचाव किया। उन्होंने कहा कि संकट का सामना कर रहे किसानों को दोबारा संस्थागत ऋण (बैंकों से लोन) मिलने का रास्ता साफ करने के लिए यह कदम उठाना बेहद जरूरी था। फडणवीस ने कहा,'कि न माफी से आज तक कोई भी किसान कभी अमीर नहीं बना है, लेकिन किसानों को निजी साहूकारों और सूदखोरों के चंगुल में फंसने से बचाने के लिए ऐसे कदम उठाना सरकार की जिम्मेदारी है। हमारी सरकार चाहती तो इस फैसले को टाल सकती थी क्योंकि राज्य में साल 2029 तक कोई चुनाव नहीं हैं, लेकिन किसानों की वास्तविक आर्थिक तंगी को देखते हुए हमने यह घोषणा की।'

पिछली योजनाओं की खामियों को किया दूर

साल 2019 की 'महात्मा ज्योतिराव फुले कर्जमाफी योजना' का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय पात्रता के लिए 2 लाख रुपये की सीमा तय की गई थी। उस योजना में नियम इतने कड़े थे कि अगर किसी किसान का बकाया 2 लाख रुपये से केवल 1 रुपया भी ज्यादा था, तो उसे योजना से पूरी तरह बाहर कर दिया जाता था। इस बार सरकार ने इस कमी को दूर कर दिया है और 'महात्मा फुले योजना' के तहत आने वाले किसानों को भी अब 2 लाख रुपये तक का कर्जमाफी का लाभ मिल सकेगा।