
प्रतीकात्मक तस्वीर
महाराष्ट्र बोर्ड की 12वीं (HSC) परीक्षा को लेकर नागपुर में सामने आया कथित पेपर लीक मामला अब और गंभीर हो गया है। पहले फिजिक्स और केमिस्ट्री और अब गणित का प्रश्नपत्र भी परीक्षा शुरू होने से कुछ मिनट पहले व्हाट्सएप ग्रुप पर शेयर किए जाने की बात पुलिस जांच में सामने आई है।
पुलिस जांच के मुताबिक, 21 फरवरी को सुबह 10:38 बजे, यानी परीक्षा शुरू होने से करीब 20 मिनट पहले, गणित का प्रश्नपत्र एक व्हाट्सएप ग्रुप में डाला गया और बाद में उसे डिलीट भी कर दिया गया। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह पेपर सबसे पहले किस स्रोत से आया।
इस मामले में शुक्रवार को वैषाली नगर स्थित एक जूनियर कॉलेज के प्रिंसिपल प्रदीप भैयालाल जांगड़े को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में कई अहम कड़ियां सामने आई हैं।
पूरा मामला 18 फरवरी को उस समय सामने आया, जब नागपुर के एसएफएस कॉलेज परीक्षा केंद्र पर केमिस्ट्री की परीक्षा के दौरान एक छात्रा मोबाइल फोन के साथ पकड़ी गई। वह करीब 15 मिनट तक वॉशरूम में रही थी। शिक्षकों को शक हुआ तो तलाशी में उसके पास से स्मार्टफोन मिला। फोन की जांच करने पर एक व्हाट्सएप ग्रुप पर केमिस्ट्री का प्रश्नपत्र और उसके उत्तर मिले थे।
इसके बाद नागपुर के सदर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई। यह शिकायत जिला परिषद नागपुर के माध्यमिक शिक्षा अधिकारी अनिल दहीफले ने दर्ज कराई।
पुलिस ने इस केस में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(5) और 3(5) के साथ-साथ यूनिवर्सिटी, बोर्ड और अन्य निर्दिष्ट परीक्षाएं (कदाचार निवारण) अधिनियम, 1982 की धारा 6 के तहत मामला दर्ज किया है।
अब तक कुल आठ आरोपियों के नाम सामने आए हैं। इनमें एक जूनियर कॉलेज प्रिंसिपल, दो ट्यूशन शिक्षक, दो ट्यूशन सेंटर संचालक, एक मैनेजर, एक एजुकेशन अकादमी डायरेक्टर और एक छात्र शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक, नामजद आरोपियों में निशिकांत सुखदेव मूल (ट्यूशन टीचर), फरहान अख्तर फहीम अख्तर (छात्र), जुनैद मोहम्मद अब्दुल जावेद (एक्सीलेंट ट्यूशन क्लासेस का मैनेजर), मुस्तफा खान (एक्सीलेंट ट्यूशन क्लासेस का डायरेक्टर), दिनेश कोटांगले (सक्सेस ट्यूशन क्लासेस का टीचर), मनीष शंभाकर (एजुकेशन अकादमी का डायरेक्टर), प्रदीप भैयालाल जांगड़े (विशाखा जूनियर कॉलेज का प्रिंसिपल) और संदीप सरातकर (कथित रूप से पेपर लीक कराने वाला) शामिल है।
जांच में एक सुनियोजित फॉरवर्डिंग चेन का पता चला है। जिस व्हाट्सएप ग्रुप में SFS कॉलेज की छात्रा सदस्य थी, वह इस चेन का आखिरी ग्रुप था, जिसमें 20 सदस्य थे। केमिस्ट्री का पेपर पहले ‘टेक वन’ नाम के 5 सदस्यों वाले ग्रुप में आया, वहां से यह एक्सीलेंट ट्यूशन क्लासेस से जुड़े 22 सदस्यों वाले ग्रुप में पहुंचा, फिर आगे अन्य ग्रुप्स में शेयर किया गया।
16 फरवरी को फिजिक्स, 18 फरवरी को केमिस्ट्री और 21 फरवरी को गणित का पेपर इसी तरह शेयर किए जाने की बात सामने आई है।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि वांछित आरोपी अल्ताफ गोडिल ने कथित रूप से दिनेश कोटांगले से परीक्षा से पहले पेपर उपलब्ध कराने की बात कही थी। कोटांगले ने आगे प्रिंसिपल प्रदीप से संपर्क किया। पुलिस का दावा है कि केमिस्ट्री पेपर उपलब्ध कराने में प्रदीप की भूमिका साबित हो रही है। फिलहाल अल्ताफ गोडिल की तलाश जारी है।
हालांकि, महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा मंडल ने इसे पेपर लीक मानने से इनकार किया है। नागपुर मंडल के अध्यक्ष शिवलिंग पाटवे ने कहा कि यह मामला कॉपी केस जैसा है। उनका कहना है कि छात्र पहले से परीक्षा हॉल में मौजूद थे, इसलिए व्हाट्सएप पर आये पेपर का दुरुपयोग संभव नहीं था। बोर्ड इस मामले में दोषी छात्रों के खिलाफ कार्रवाई करेगा। फिलहाल पुनर्परीक्षा (re-examination) की कोई संभावना नहीं है।
वहीं, सदर पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला फिलहाल नागपुर शहर तक सीमित दिखाई दे रहा है। हालांकि जांच जारी है और आगे और खुलासे हो सकते हैं।
Published on:
02 Mar 2026 08:11 am
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