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महाराष्ट्र में लोकायुक्त कानून लाने पर फडणवीस के मुरीद हुए अन्ना हजारे, कहा- 12 साल बाद मेरी तपस्या पूरी की

Anna Hazare on Maharashtra Lokayukta Law: अन्ना हजारे कहा “लोकायुक्त कानून का राजनीतिक दलों या व्यक्तियों से कोई लेना-देना नहीं है। मैंने सभी पार्टियों का विरोध किया था। उसके लिए मैंने समाज और राज्य के हित को सबसे ऊपर रखा। इस कानून के लिए 2011 में आंदोलन किया था। अब 12 साल हो गए हैं।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Dec 19, 2022

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अन्ना हजारे को जान से मारने की धमकी मिली

Anna Hazare Lokayukta in Maharashtra: केंद्र सरकार के लोकपाल कानून की तर्ज पर महाराष्ट्र में लोकायुक्त कानून बनाये जाने के फैसले का वरिष्ठ समाजसेवी अन्ना हजारे (Anna Hazare) ने स्वागत किया है। उन्होंने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) की जमकर तारीफ की है। रविवार को फडणवीस ने ही लोकायुक्त कानून लाने की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि लोकायुक्त कानून के दायरे में मुख्यमंत्री भी होंगे।

वरिष्ठ समाजसेवी अन्ना हजारे ने इस कानून के लिए लंबी लड़ाई लड़ी है। ऐसे में अब सूबे में लोकायुक्त कानून पारित होने जा रहा है तो वह बेहद खुश है। लोकायुक्त कानून को महाराष्ट्र कैबिनेट द्वारा हरी झंडी भी मिल चुकी है। जल्द ही इसे सदन के समक्ष पेश किया जायेगा। इसके दायरे में पहली बार मुख्यमंत्री और मंत्री होंगे। यह भी पढ़े-Old Pension Scheme: ‘पुरानी पेंशन योजना के लिए आंदोलन करें’, अन्ना हजारे ने सरकारी कर्मचारियों को दी सलाह

इस पर अन्ना हजारे ने कहा कि यह संतोष की बात है. लोकायुक्त एक स्वायत्त कानून है। इसका दर्जा हाईकोर्ट के बराबर है। वैसे तो कानून कई हैं। लेकिन अगर उसका पालन नहीं किया जाये तो उसे कोई पूछता तक नहीं है।

'लोकायुक्त कानून का नेताओं से लेनादेना नहीं'

मीडिया से बात करते हुए अन्ना हजारे कहा “लोकायुक्त कानून का राजनीतिक दलों या व्यक्तियों से कोई लेना-देना नहीं है। मैंने सभी पार्टियों का विरोध किया था। उसके लिए मैंने समाज और राज्य के हित को सबसे ऊपर रखा। इस कानून के लिए 2011 में आंदोलन किया था। अब 12 साल हो गए हैं। महाराष्ट्र सरकार ने 12 साल की तपस्या के बाद यह फैसला लिया। किसी भी चीज के लिए तपस्या करनी पड़ती है। अब यह तपस्या पूरी हो गई है।


फडणवीस की तारीफ में पढ़े कसीदे

बीजेपी के वरिष्ठ नेता देवेंद्र फडणवीस की तारीफ करते हुए अन्ना हजारे ने कहा, 'सत्ता एक ऐसी चीज है जो बहुतों की सोच और बुद्धि को विकृत कर देती है। जो लोग अपने जीवन में लक्ष्योन्मुख (Goal Oriented) होते हैं, जो देश के लिए कुछ करना चाहते है वे ऐसे निर्णय लेते हैं। मुझे फडणवीस के समय में विरोध करना पड़ा था। वे रालेगण आये थे। उन्होंने यह महसूस किया कि उनके निर्णय न लेने के कारण इतने सारे लोगों को परेशानी हो रही है, तब उन्होंने मौके पर लिखित आश्वासन दिया। उनके द्वारा किए गए वादे के अनुसार मुख्य सचिव की अध्यक्षता में चार अधिकारियों और अन्य लोगों द्वारा मसौदा तैयार किया गया था।

उन्होंने आगे कहा “यह प्रक्रिया खिंचती चली गई। बीच में सत्ता परिवर्तन हुआ। एक बार मैं परेशान हो गया और तब मैंने कहा था कि मैं आपके राज्य में नहीं जीना चाहता। इसके बाद फडणवीस ने फिर से इस काम को गति दी। अंत में मसौदा बन गया और अब वह विधानसभा में लाया जा रहा।“

इस वजह से अन्ना हजारे हुए खुश

बता दें कि महाराष्ट्र विधानमंडल के शीतकालीन सत्र की पूर्व संध्या पर रविवार को मीडिया से बात करते हुए फडणवीस ने लोकायुक्त कानून से जुड़ा एक विधेयक पेश करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे की अगुवाई वाली समिति की सिफारिशों को पूर्ण रूप से स्वीकार कर लिया गया है।