26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Malegaon Blast: एनआईए कोर्ट में 34वां गवाह मुकरा, बोला- गन पॉइंट पर दिया था बयान

Malegaon Blast Case Witness Turned Hostile: महाराष्ट्र के मुस्लिम बहुल इलाके मालेगांव में हुए विस्फोट के सिलसिले में अदालत अब तक तीन सौ से अधिक गवाहों का परीक्षण कर चुकी है। इस मामले में भोपाल से बीजेपी सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर भी आरोपी हैं, जो फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।

2 min read
Google source verification

मुंबई

image

Dinesh Dubey

Apr 05, 2023

malegaon_blast_case_update.jpg

मालेगांव ब्लास्ट केस का 34वां गवाह पलटा

2008 Malegaon Blast News: साल 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में एक और गवाह विशेष अदालत के सामने अपने बयान से पलट गया। वह इस मामले में बयान से मुकरने वाला 34वां गवाह बन गया है। बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान गवाह ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) ने बंदूक की नोक पर उनका बयान दर्ज किया था।

मुंबई में विशेष एनआईए अदालत (NIA Court) में आज भी मालेगांव 2008 विस्फोट मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान एक पूर्व सैन्यकर्मी को बतौर गवाह पेश किया गया, लेकिन उन्होंने अपने पूर्व में दिए बयान को सही नहीं बताया है। विशेष राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) अदालत के समक्ष अपने बयान के दौरान गवाह ने एटीएस पर ही आरोप लगाये है। गवाह ने अदालत में कहा कि उनका बयान बंदूक की नोक पर लिया गया था। यह भी पढ़े-Maharashtra: मालेगांव ब्लास्ट केस का 33वां गवाह पलटा, कोर्ट में बोला- अपनी मर्जी से नहीं दिया था बयान

इससे पहले 3 अप्रैल को इसी मामले में एक गवाह ने यह दावा करते हुए अपना बयान बदल दिया कि उसने जांच एजेंसी को अपनी मर्जी से कोई बयान नहीं दिया है। और कोर्ट में कहा था कि उसे सात दिनों के लिए अवैध तरीके से हिरासत में रखा गया था।

इस मामले में अदालत तीन सौ से अधिक गवाहों का परीक्षण कर चुकी है। इस मामले में भोपाल से बीजेपी सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर भी आरोपी हैं, जो फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। प्रज्ञा सिंह के अलावा लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत प्रसाद पुरोहित, सुधाकर द्विवेदी, मेजर रमेश उपाध्याय (रिटायर्ड), अजय रहीरकर, सुधाकर द्विवेदी, सुधाकर चतुर्वेदी और समीर कुलकर्णी को मामले में आरोपी बनाया गया है। सभी वर्तमान में जमानत पर हैं। आरोपियों की दलील है कि उन्हें इस मामले में जबरन फंसाया गया है। आरोपियों ने दावा किया कि उन्हें राजनीतिक द्वेष की भावना से इस अपराध में शामिल बताया गया।

मुंबई से लगभग 200 किलोमीटर दूर उत्तरी महाराष्ट्र के मालेगांव में 29 सितंबर, 2008 को एक मस्जिद के पास हुए विस्फोट में छह लोगों की मौत हो गई और 100 से अधिक लोग घायल हो गए थे। इस मामले की जांच की जिम्मेदारी पहले महाराष्ट्र एटीएस को दी गई थी। जांच की अगुवाई खुद उस समय के ATS प्रमुख हेमंत करकरे कर रहे थे, लेकिन मालेगांव बम विस्फोट की गुत्थी सुलझने से पहले ही करकरे 26/11 मुंबई आतंकी हमले में शहीद हो गए थे। बाद में इस मामले को एनआईए को सौंप दिया गया।

बड़ी खबरें

View All

मुंबई

महाराष्ट्र न्यूज़

ट्रेंडिंग