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‘आंबेडकर, महात्मा फुले ने भीख मांगकर खोला स्कूल’, मंत्री चंद्रकांत पाटिल के बयान से महाराष्ट्र में बवाल

BJP Chandrakant Patil: बीजेपी (BJP) नेता चंद्रकांत पाटिल के बयान को लेकर पुणे में शिकायत भी दर्ज करवाई गई है। हालांकि पाटिल अपने बयान पर माफी मांग चुके है, लेकिन इस पर बवाल बढ़ता ही जा रहा है।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Dec 10, 2022

Chandrakant Patil remarks Babri Masjid Shiv Sena Balasaheb Thackeray

महाराष्ट्र के मंत्री चंद्रकांत पाटिल के बयान से सियासी बवाल

Chandrakant Patil Babasaheb Ambedkar Mahatma Phule Statement: महाराष्ट्र के उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने शुक्रवार को डॉ बाबासाहेब अंबेडकर और महात्मा ज्योतिबा फुले पर कथित विवादित टिप्पणी की, जिससे महाराष्ट्र में एक नया विवाद शुरू हो गया। बीजेपी (BJP) नेता चंद्रकांत पाटिल के बयान को लेकर पुणे में शिकायत भी दर्ज करवाई गई है। हालांकि पाटिल अपने बयान पर माफी मांग चुके है, लेकिन इस पर बवाल बढ़ता ही जा रहा है।

औरंगाबाद (Aurangabad) के पैठण (Paithan) में शुक्रवार को एक विश्वविद्यालय में कार्यक्रम में बोलते हुए चंद्रकांत पाटिल ने कहा “कर्मवीर भाऊराव पाटील, डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर और महात्मा ज्योतिबा फुले ने स्कूल शुरू किए। जब उन्होंने स्कूल शुरू किए तो वे सरकारी सहायता पर निर्भर नहीं थे। इसके बजाय, उन्होंने स्कूल शुरू किए और उन्हें भीख मांगकर चलाया। लोगों ने उन्हें पैसे दिए। उन दिनों लोगों ने 10 रुपये दिए थे। अब लोग 10 करोड़ रुपये दे रहे हैं। उन्होंने लोगों के पास जाकर और भीख मांगकर स्कूल शुरू किया, यह कहकर कि मैं एक स्कूल शुरू कर रहा हूँ, कृपया मुझे पैसे दीजिये।” यह भी पढ़े-महाराष्ट्र से सीमा मुद्दे पर कोई समझौता नहीं होगा, कर्नाटक के CM बोम्मई ने दिखाए तीखे तेवर

हालांकि बाद में शाम को पाटिल अपने बयान पर सफाई पेश की. उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा “स्कूल किसने शुरू किए? अंबेडकर और फुले। यह सच है। भीख मांगने का मेरा मतलब था कि धन जमा करना, जैसे आज सीएसआर, दान या क्राउड-फंडिंग होती है।

उन्होंने कहा, "जानबूझकर बयानों को संदर्भ से बाहर ले जाना और लोकल भाषा में बोले गए शब्दों पर विवाद पैदा करना इन दिनों एक आदत बन गई है।" शुक्रवार शाम मीडिया को दिए बयान में पाटिल ने समझाया "भीख मतलब भिक्षा है। मतलब यह है कि एक व्यक्ति घर-घर जाता है और एक अच्छे कारण के लिए कुछ शुरू करने के लिए दान मांगता है। यही पूरी अवधारणा के लिए एक स्थानीय शब्द का मैंने इस्तेमाल किया।"

बीजेपी नेता चंद्रकांत पाटिल के बयान की महाराष्ट्र के विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाड़ी (एमवीए) ने कड़ी आलोचना की है। वहीँ, उनके खिलाफ डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया के कार्यकर्ताओं ने सोलापुर में विरोध प्रदर्शन किया और पुतले जलाये। जबकि पुणे में एनसीपी भी विरोध प्रदर्शन की तैयारी में है।