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‘ईद पर शांति तो राम नवमी पर पत्थरबाजी क्यों, नियम एक होना चाहिए’, नितेश राणे का विवादित बयान

Nitesh Rane on Eid: भाजपा नेता नितेश राणे ने कहा, जब भी ईद का त्योहार आता है, हिंदू समुदाय का कोई भी व्यक्ति पत्थर नहीं फेंकता या कोई परेशानी नहीं खड़ी करता। लेकिन जब राम नवमी की शोभा यात्रा निकलती है तो पत्थर फेंके जाते है।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Mar 30, 2026

Maharashtra Minister Nitesh Rane

भाजपा नेता नितेश राणे (Photo: X/BJP)

महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे का एक बार फिर विवादास्पद बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि हिंदू समुदाय कभी भी ईद जैसे त्योहारों पर पत्थरबाजी या किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं करता है। राणे ने आरोप लगाया कि राम नवमी के दौरान राम भक्तों को भगवा ध्वज फहराने से रोका जाता है और उन पर पत्थर फेंके गए। देशभर में ऐसी घटनाएं हो रही हैं, जो कि सरासर गलत है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि अगर किसी को इससे परेशानी है, तो उसे पाकिस्तान चले जाना चाहिए। देश के सौहार्द को बिगाड़ने वाली ऐसी सोच की यहां कोई आवश्यकता नहीं है।

रायगढ़ में पत्रकारों से बात करते हुए नितेश राणे ने कहा, "जब भी ईद का त्योहार आता है, हिंदू समुदाय का कोई भी व्यक्ति पत्थर नहीं फेंकता या कोई परेशानी नहीं खड़ी करता। लेकिन जब राम नवमी की शोभा यात्रा निकलती है तो ये आपत्ति जताते है। इन लोगों ने हमारा भगवा झंडा नहीं फहराने दिया और राम भक्तों पर पत्थर फेंके। तो, अगर उनके अनुसार, हमारे देश में सभी धर्मों के लोग रह सकते हैं, तो जो नियम-कानून आप ईद पर लगाते हैं, वही राम नवमी पर भी लगने चाहिए... अगर किसी को इससे जलन होती है, तो उन्हें पाकिस्तान चले जाना चाहिए। वैसे भी, हमें यहां इस गंदगी की जरूरत नहीं है।"

मदरसों को लेकर दिया था विवादित बयान

भाजपा नेता नितेश राणे ने फरवरी में मालेगांव में नमाज अदा करने के विवाद और राज्य के मदरसों को लेकर आपत्तिजनक बयान दिया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि महाराष्ट्र के मदरसे आतंकवादियों के अड्डे बन गए हैं। वे मुख्यमंत्री से राज्य के सभी मदरसों को बंद करने की मांग करेंगे।

पत्रकारों से बातचीत के दौरान राणे ने कहा था कि आने वाले दिनों में वह इस मुद्दे पर कार्रवाई की अपील करते हुए सरकार से तुरंत कदम उठाने का आग्रह करेंगे।

विपक्ष ने किया कटाक्ष

नितेश राणे द्वारा मदरसे को आतंकवादी अड्डा बताने के सवाल पर एआईएमआईएम (AIMIM) नेता वारिस पठान ने कहा था, “नितेश राणे को झूठ बोलने की आदत हो गई है। उन्हें यह भी नहीं पता कि मदरसों से कितने महान विद्वान निकले हैं। जो लोग अंग्रेजों के खिलाफ आज़ादी की लड़ाई में शामिल हुए, क्या वे आतंकवादी थे? इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल कर वे उन स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान कर रहे हैं। मेरे पास उन सभी लोगों की पूरी सूची है, जो मदरसों से निकलकर स्वतंत्रता संग्राम में शामिल हुए थे। क्या आप मुझे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से निकलकर स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल होने वालों की सूची दे सकते हैं?”

वहीं, एनसीपी शरद पवार गुट के प्रदेश प्रमुख शशिकांत शिंदे ने राणे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि महाराष्ट्र में ऐसा अभी तक कुछ नहीं हुआ है। अगर सरकार के लोग ही इस तरह की बात कहेंगे तो धार्मिक सौहार्द बिगड़ेगा। ऐसी तुच्छ राजनीति नहीं करनी चाहिए।