
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण जानकारी जारी करते हुए बताया कि इस साल दक्षिण-पश्चिम मॉनसून (South-West Monsoon) अपने सामान्य समय से पहले दस्तक दे सकता है। अगले सात दिनों में यानी लगभग 13 मई तक मॉनसून दक्षिण अंडमान सागर, दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी और निकोबार द्वीपों तक पहुंच सकता है। अगर ऐसा हुआ तो वहां मॉनसून का आगमन सामान्य से एक सप्ताह पहले होगा।
मौसम विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि बंगाल की खाड़ी में मॉनसून का जल्दी आगमन जरूरी नहीं कि केरल और देश के अन्य हिस्सों में भी मॉनसून जल्दी पहुंचेगा। मॉनसून को आगे बढ़ने के लिए बंगाल की खाड़ी और अरब सागर की जटिल परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है।
मुंबई में आमतौर पर मॉनसून 10 जून के बाद पहुंचता है, लेकिन इस बार मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 8 से 11 जून के बीच ही शहर में मॉनसूनी बारिश की शुरुआत हो सकती है। एक अनुमान के मुताबिक, 8 से 12 जून के बीच मॉनसून के आगमन की 92 फीसदी संभावना है।
पिछले वर्षों की बात करें तो 2024 में 9 जून को और 2020 में 14 जून को मॉनसून ने मुंबई में दस्तक दी थी। इस बार मौसम विशेषज्ञों ने मुंबई में मॉनसून के जल्द पहुंचने की संभावना जताई है।
गौरतलब हो कि पिछले महीने मौसम विभाग ने कहा था कि इस बार देश में मॉनसून सीजन में सामान्य से अधिक बारिश होगी। आईएमडी ने मॉनसून के मौसम पर अल नीनो के प्रभाव की संभावना को भी खारिज कर दिया।
आईएमडी प्रमुख मृत्युंजय महापात्र ने कहा, भारत में जून से सितंबर के मॉनसून के मौसम में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है और कुल वर्षा 87 सेंटीमीटर के दीर्घावधि औसत का 105 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
हालांकि, सामान्य वर्षा का मतलब यह नहीं है कि पूरे देश में बारिश एक समान होगी। जलवायु वैज्ञानिकों का कहना है कि बारिश के दिनों की संख्या कम होती जा रही है, जबकि भारी बारिश यानी कम समय में भारी बारिश की घटनाएं बढ़ रही हैं। इससे कुछ इलाकों में बाढ़ आती है तो कुछ इलाकों में सूखा पड़ता है।
Published on:
06 May 2025 11:31 pm
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