
Congress Leader Sanjay Nirupam
महाराष्ट्र में सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा हैं। सीएम एकनाथ शिंदे खेमे में सब ठीक-ठाक नहीं चल रहा है। शिंदे खेमे में बड़ी फूट की खबर सामने आ रही हैं। एनसीपी, कांग्रेस और उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना के कई नेताओं का यह दावा है कि सीएम एकनाथ शिंदे के मंत्रिमंडल के दूसरे चरण का विस्तार इसलिए जल्दी नहीं किया जा रहा है क्योंकि शिंदे खेमे के सभी विधायकों को मंत्री बनाना असंभव है। इस बीच कांग्रेस के नेता संजय निरुपम ने शिंदे गुट पर जमकर निशाना साधा हैं।
कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने कहा कि एकनाथ शिंदे जो अपने विधायकों को लेकर उद्धव खेमे से बगावत किए। यह सभी विधायक मंत्रिपद के लालच में उद्धव गुट से अलग हुए थे बस इनका और दूसरा कोई मकसद नहीं था। अब बीजेपी और शिंदे खेमे में कुल 150 विधायक हैं सभी मंत्री नहीं बन सकते। ऐसे में आपस के झगड़े में ही इनकी सरकार गिरेगी। यह भी पढ़े: Maharashtra News: सोलापुर में किसानों का प्रदर्शन, ट्रैक्टर के पहियों की निकाली हवा; गन्ने के दाम बढ़ाने की मांग
बता दें कि संजय निरुपम ने आगे कहा कि कैबिनेट विस्तार की बात कही जा रही वह इसलिए की जा रही क्योंकि जो नाराज विधायक हैं वह साथ न छोड़े और मंत्रिपद की लालच में बने रहें लेकिन आनेवाले समय में शिंदे गुट के पास बीजेपी में शामिल होने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा। भविष्य में ऐसा भी हो सकता है कि महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ही बीजेपी में शामिल हो जाएं। अगर ऐसा हुआ तो इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी।
कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने बच्चू कड़ू और रवि राणा के बीच चल रहे विवाद पर भी बड़ा बयान दिया हैं। उन्होंने कहा कि बच्चू कड़ू और रवि राणा बहुत छोटे नाम है। इनके विरोध से सरकार को कुछ नहीं होगा लेकिन यह देखना होगा कि क्या यह बीजेपी के इशारे पर तो यह सब नहीं हो रहा हैं। अब यह सीएम एकनाथ शिंदे और डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस को देखना है कि इन दोनों का विवाद कैसे खत्म होगा।
शिंदे खेमे के निर्दलीय समर्थक विधायक बच्चू कड़ू और रवि राणा के बीच भी विवाद रुकने का नाम नहीं ले रहा हैं। रवि राणा ने बच्चू कड़ू पर खोखे लेने का आरोप लगाया है। बच्चू कडू ने चुनौती दी है कि रवि राणा 1 नवंबर तक उनके खिलाफ सबूत सबके सामने लाए। बच्चू कडू ने सीएम एकनाथ शिंदे को भी चेतावनी दी है कि वे रवि राणा के खिलाफ फौरन कार्रवाई करें, वरना वे अकेले नहीं हैं, उनके साथ 7-8 विधायक और हैं। वे सब मिलकर कोई अलग राह चुनने का निर्णय ले सकते हैं।
Updated on:
28 Oct 2022 03:05 pm
Published on:
28 Oct 2022 03:03 pm
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