
Uddhav Thackeray at Dussehra Rally
महाराष्ट्र में राजनीतिक कलह खत्म होने का नाम नहीं ले रहा हैं। शनिवार को चुनाव आयोग ने उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे दोनों ही गुटों को शिवसेना के चुनाव चिन्ह ‘धनुष और तीर’ का उपयोग करने पर अंतरिम रोक लगा दी है। जिसके बाद चुनाव आयोग के इस फैसले के खिलाफ उद्धव ठाकरे गुट ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उद्धव ठाकरे गुट का कहना है कि चुनाव आयोग ने बिना किसी सुनवाई के ही पार्टी के नाम और सिंबल को फ्रीज कर दिया।
ठाकरे खेमे के नेता और राज्यसभा सदस्य अनिल देसाई ने बताया कि हमारी याचिका का आधार है कि इलेक्शन कमीशन ने हमें चुनाव चिह्न और नाम तय करने को लेकर समुचित समय और मौका नहीं दिया है। बता दें कि चुनाव आयोग ने शिवसेना के नाम और चुनाव चिन्ह के उपयोग पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। यह भी पढ़ें: Maharashtra News: मां पर लगा था नवजात के मर्डर का आरोप, अदालत ने किया बरी; सामने आई ये बड़ी वजह
बता दें कि ठाकरे गुट ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए इलेक्शन कमीशन पर बड़ा आरोप लगाया है। कोर्ट में दाखिल याचिका में कहा गया है कि इलेक्शन कमीशन ने उनके द्वारा भेजे हुए कागजात और डॉक्यूमेंट की जांच पड़ताल न करते हुए शिवसेना का चुनाव चिन्ह धनुषबाण फ्रीज कर दिया है। इसके साथ ही उद्धव ठाकरे ने दिल्ली हाई कोर्ट से अपील की है कि इस मामले को आज ही सुना जाए और आज ही फैसला सुनाया जाए आज ही फैसला लिया जाए।
इलेक्शन कमीशन के इस फैसले के बाद उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे गुट में से कोई भी फिलहाल इस सिंबल का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। इसके बाद इलेक्शन कमीशन ने अंधेरी उपचुनाव में दोनों पक्षों को फ्री सिंबल्स में से अपनी-अपनी प्राथमिकता बताने के लिए कहा था।
बता दें कि पार्टी के अंदर चल रहे गुटबाजी पर एक अंतरिम आदेश में, चुनाव आयोग ने कहा कि दोनों गुटों को ऐसे अलग-अलग प्रतीक आवंटित किए जाएंगे। वे फिलहाल उपचुनावों के लिए इलेक्शन कमीशन की तरफ से अधिसूचित मुक्त प्रतीकों की सूची में से इन चिन्हों को सेलेक्ट कर सकते हैं। दोनों समूहों को 10 अक्टूबर को दोपहर 1 बजे तक विवरण प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है।
हमें न्याय पर है भरोसा- दीपक केसरकर
बता दें कि उद्धव खेमे के द्वारा दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दाखिल करने के बाद शिंदे गुट के नेता और महाराष्ट्र सरकार में कैबिनेट मंत्री दीपक दीपक केसरकर ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि उद्धव ठाकरे खेमे के चलते देरी हुई और इसी कारण चुनाव चिन्ह और नाम फ्रीज हुआ है। इसे लेकर हम पर आरोप ना लगाए। उनको कोर्ट जाना है जाने दीजिए, हमें न्याय पर पूरा भरोसा है।
Updated on:
10 Oct 2022 03:40 pm
Published on:
10 Oct 2022 03:39 pm
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