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महाराष्ट्र में PM आवास योजना में बड़ा घोटाला! ईडी ने पुणे, औरंगाबाद और अकोला में 9 जगहों पर मारा छापा

Maharashtra News: ईडी ने औरंगाबाद नगर निगम में समरथ कंस्ट्रक्शन एंड जेवी, एनडीओ ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्च सर्विसेज, जगुआर ग्लोबल सर्विसेज और उनके संबंधित भागीदारों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के आधार पर जांच शुरू की।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Mar 20, 2023

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प्रधानमंत्री आवास योजना के टेंडर में गड़बड़ी के मामले में ईडी का बड़ा एक्शन

PM Awas Yojana Fraud in Aurangabad: Pradhan Mantri Awas Yojana: महाराष्ट्र (Maharashtra) के औरंगाबाद (Aurangabad) में प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के टेंडर आवंटन में अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राज्य के नौ स्थानों पर छापेमारी की है। ईडी ने सोमवार को बताया कि उसकी टीमों ने औरंगाबाद, पुणे और अकोला में छापेमारी की।

ईडी ने औरंगाबाद नगर निगम में समरथ कंस्ट्रक्शन एंड जेवी, एनडीओ ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्च सर्विसेज, जगुआर ग्लोबल सर्विसेज और उनके संबंधित भागीदारों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के आधार पर जांच शुरू की। आरोप है कि इन कंपनियों ने शहर में 40,000 PMAY घरों के निर्माण के लिए औरंगाबाद नगर पालिका (Aurangabad Municipal Corporation) का टेंडर हासिल करने के लिए जालसाजी की और अवैध काम किये। यह भी पढ़े-महाराष्ट्र के जलगांव में कंपाउंड की दीवार ढही, उत्तर प्रदेश के 3 मजदूरों की मौत

पीएमएवाई योजना औरंगाबाद में सात भूखंडों पर लागू की जानी थी और जांच में यह पाया गया कि सभी तीन ई-निविदाएं एक ही आईपी एड्रेस से अपलोड की गई थीं। पीएमएवाई नियामकों द्वारा इस गड़बड़ी की पहचान करने के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच में पता चला कि टेंडर फर्म इतनी बड़ी परियोजना को लागू करने में वित्तीय रूप से सक्षम नहीं है।

ईडी की जांच में यह खुलासा हुआ है कि तीन जेवी फर्मों ने एक ही आईपी एड्रेस से ई-टेंडर के लिए आवेदन किया था। समरथ कंस्ट्रक्शन एंड जेवी को टेंडर आवंटित किया गया था, लेकिन बैंक गारंटी 46.24 करोड़ रुपये में से मात्र 88.60 लाख रुपये की बीजी जमा की गई थी।

इसके अलावा, समरथ कंस्ट्रक्शन एंड जेवी ने नई टेंडर प्रक्रिया के बिना 19.22 हेक्टेयर से 120 हेक्टेयर के लिए प्रारंभिक टेंडर का विस्तार करवाकर नियत प्रक्रिया को उलट दिया। ईडी ने कहा, इस घोटाले में शामिल सरकारी सब्सिडी की राशि लगभग एक हजार करोड़ रुपये है। सभी तीन टेंडर आवेदकों के यहां तलाशी ली गई। इस दौरान आवेदक के पास से औरंगाबाद नगर पालिका की टेंडर फाइल की नोटशीट सहित कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए हैं। औरंगाबाद नगर निगम के अधिकारियों के सहयोग से ईडी इस टेंडर प्रक्रिया में हुई सभी गड़बड़ियों की जांच कर रहा हैं।