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Maharashtra Political Crisis: संजय शिरसाट ने उद्धव पर बोला हमला, कहा-विधायकों ने कई बार मिलने का वक्त मांगा लेकिन वे नहीं मिले

महाराष्ट्र में जारी राजनीतिक संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। साथ ही सियासी बयानबाजी भी खूब हो रही है। इन सब के बीच सीएम उद्धव के इमोशनल अपील का भी कोई असर नहीं हुआ है। असम के गुवाहाटी में मौजूद बागी विधायकों ने एकनाथ शिंदे को अपना नेता चुन लिया है। इसी बीच सीएम उद्धव को चिठ्ठी लिखने वाले संजय शिरसाट ने अब उनपर हमला बोला है।

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Sanjay-Shirsat

Sanjay Shirsat

मुंबई: महाराष्ट्र में सियासी हलचल के बीच बागी हुए शिवसेना विधायक संजय शिरसाट द्वारा सीएम उद्धव ठाकरे को लिखी चिठ्ठी की चर्चा जमकर हुई है। इस पत्र को एकनाथ शिंदे ने अपने अकाउंट से साझा किया था। जिसमें बगावत का कारण बताया गया था। इसी बीच बागी संजय शिरसाट ने सीएम उद्धव ठाकरे पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे को कई मौकों पर बताया गया था कि कांग्रेस-एनसीपी शिवसेना को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही विधायकों ने कई बार सीएम से मिलने का वक्त भी मांगा लेकिन उन्होंने समय ही नहीं दिया।

गुवाहाटी में शिवसेना के बागी विधायक संजय शिरसाट ने कहा कि पहले कई बार विधायकों ने उद्धव जी से कहा था कि कांग्रेस हो या NCP, दोनों ही शिवसेना को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। कई बार विधायकों ने उद्धव जी से मिलने के लिए समय मांगा लेकिन वे उनसे कभी नहीं मिले। शिरसाट ने कहा कि यदि आप शिवसेना के किसी विधायक के निर्वाचन क्षेत्र को देखें तो तहसीलदार से लेकर राजस्व अधिकारी तक कोई भी अधिकारी विधायक के परामर्श से नियुक्त नहीं किया जाता है। यह बात हमने उद्धव जी को कई बार बताई लेकिन उन्होंने कभी इसका जवाब नहीं दिया।

यह भी पढ़ें-Maharashtra Political Crisis: नहीं काम आई उद्धव ठाकरे की इमोशनल अपील, शिवसेना के बागी विधायकों ने एकनाथ शिंदे को चुना अपना नेता

गौर हो कि इससे पहले संजय शिरसाट ने जो चिठ्ठी लिखी थी उसमें कहा था कि वर्षा बंगले के बाहर भीड़ देखकर उन्हें खुशी हुई। लेकिन 2.5 वर्षों से इस बंगले के दरवाजे बंद थे। संजय ने कहा कि हम पार्टी के विधायक थे लेकिन हमें बंगले में सीधे एंट्री नहीं मिली।

उन्होंने अपने पत्र में अयोध्या जानें न देने को लेकर भी सवाल किया। वे बोले कि हिंदुत्व , अयोध्या, राम मंदिर ये सब हमारे शिवसेना के मुद्दे थे लेकिन जब आदित्य अयोध्या जा रहे थे तो हमें फोन कर क्यों जाने से रोका गया।