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Maharashtra Politics: ‘असली’ शिवसेना कौन? सुप्रीम कोर्ट में कुछ देर में शुरू होगी सुनवाई, जानें केस से जुड़ी अहम बातें

Shiv Sena Crisis: शिवसेना के उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले खेमे ने अपनी याचिका में मांग की है कि चुनाव आयोग को शिंदे समूह के 'असली' शिवसेना के रूप में मान्यता देने के दावे पर कोई कार्यवाही नहीं करनी चाहिए।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Sep 27, 2022

Shiv Sena Crisis Supreme Court

महाराष्ट्र में सत्ता संघर्ष पर अब 4 अगस्त को सुनवाई होगी

Supreme Court Hear Plea On Real Shiv Sena: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की संविधान पीठ आज (27 सितंबर) शिवसेना (Shiv Sena) की ओर से शिंदे गुट के खिलाफ दायर विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। वहीं दूसरी ओर चुनाव आयोग (Election Commission) ने उद्धव गुट को शिवसेना पार्टी पर अधिकार साबित करने के लिए सबूत पेश करने के लिए जो समय दिया था वह भी आज खत्म हो रहा है। ऐसे में जानकारी मिल रही है कि आज ही उद्धव खेमे (शिवसेना) की ओर से चुनाव आयोग को सबूत सौंपे जाएंगे।

सुप्रीम कोर्ट आज इस पर विचार करेगा कि क्या चुनाव आयोग को यह तय करना चाहिय कि उद्धव ठाकरे गुट या एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले दो समूहों में से किसे 'असली' शिवसेना के रूप में मान्यता दी जानी चाहिए। यह भी पढ़े-Maharashtra: शिवसेना के बागी खेमे की बढ़ेगी ताकत, 5 और MP-MLA जुड़ेंगे? सीएम एकनाथ शिंदे ने किया बड़ा खुलासा

जस्टिस चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच-जजों की संविधान पीठ ने इससे पहले कहा था कि वह ठाकरे समूह के आवेदन पर सुनवाई करेगी जिसमें चुनाव आयोग को मुख्यमंत्री शिंदे गुट द्वारा आधिकारिक शिवसेना पार्टी के रूप में मान्यता के लिए उठाए गए दावे पर फैसला करने से रोकने की मांग की गई थी।

शिंदे समूह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नीरज किशन कौल ने तब पीठ से कहा था कि चुनाव आयोग को निर्णय लेने से नहीं रोका जा सकता है और आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को देखते हुए यह प्रक्रिया जरूरी है। जबकि ठाकरे समूह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने पीठ को बताया कि शीर्ष अदालत ने तीन अगस्त को मौखिक रूप से चुनाव आयोग से इस मुद्दे पर कोई कार्रवाई नहीं करने को कहा था।

शिवसेना के उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले खेमे ने अपनी याचिका में मांग की है कि चुनाव आयोग को शिंदे समूह के 'असली' शिवसेना के रूप में मान्यता देने के दावे पर कोई कार्यवाही नहीं करनी चाहिए। दरअसल शिंदे समूह ने दावा किया है कि उनके पास 40 से अधिक शिवसेना विधायकों का समर्थन है, इसलिए उन्हें ही असली शिवसेना घोषित की जाये। इस मामले में शिंदे समूह ने चुनाव आयोग में अर्जी भी दी है। शिंदे समूह के इस दावे के बाद चुनाव आयोग ने उद्धव ठाकरे गुट से सबूत पेश करने को कहा था।

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