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शरद पवार को मनाने में अजित दादा फिर नाकाम! जानें चाचा-भतीजे की गुप्त बैठक की इनसाइड स्टोरी

Maharashtra Politics: संजय राउत ने कहा, “शरद पवार और अजित पवार की बैठक के बाद एक भ्रम पैदा हुआ है। जल्द से जल्द ये भ्रम खत्म होना चाहिए... हम इस बारे में शरद पवार से बात करेंगे।“

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Aug 14, 2023

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अजित पवार गुट ने एनसीपी पर ठोका दावा

Sharad Pawar Ajit Pawar Pune Meeting: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अध्यक्ष शरद पवार और उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बीच पुणे में हुई गुप्त बैठक के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। हालांकि, चाचा-भतीजे की ये मुलाकात विफल साबित हुई है। खबर है कि अजित पवार पूरी एनसीपी को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे नीत सरकार में भागीदार बनाना चाहते है। हालांकि अजित पवार की कोशिशें सफल नहीं हो रही है और शरद पवार ने सरकार में शामिल होने से इनकार कर दिया है।

पुणे में शनिवार को शरद पवार और अजित पवार की मुलाकात की पृष्ठभूमि में राजनीतिक चर्चा जोरो पर है। हालांकि, शरद पवार अपने रुख पर अड़े हुए हैं और यह बात सामने आ रही है कि यह चर्चा बेनतीजा रही है। वह इस महीने के अंत में मुंबई में होने वाली 'इंडिया' गठबंधन की बैठक के लिए उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना और कांग्रेस नेताओं का मार्गदर्शन भी कर रहे हैं। यह भी पढ़े-'वाराणसी से प्रियंका उतरीं तो PM मोदी हारेंगे', संजय राउत के दावे पर कांग्रेस नेता बोले- उद्धव जी को लड़ाओ


मुलाकात पर उठे सवाल?

शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले ने भी लोकसभा में नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली बीजेपी पर तीखा हमला बोला। दिलचस्प बात यह है कि एनसीपी के दोनों गुट एक-दूसरे पर कीचड़ उछालने से बच रहे है। एनसीपी पार्टी का नाम व उसके निशान पर भी दावेदारी ठप है, मानो कुछ हुआ ही न हो।

दिलचस्प बात यह है कि एनसीपी के दोनों गुट एक-दूसरे पर कीचड़ उछालने से बच रहे हैं। एनसीपी पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न पर दावेदारी का सिलसिला भी बंद हो गया है, जैसे कुछ हुआ ही न हो। इसलिए बीजेपी, शिवसेना, कांग्रेस समेत सभी पार्टियों में अंदर ही अंदर चर्चा है कि ये दोनों गुट एक-दूसरे के संपर्क में हैं और 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद फिर से एकजुट हो सकते है। यह भी पढ़े-BJP की शर्त की वजह से चाचा शरद पवार से मिले अजित दादा? महाराष्ट्र में फिर पक रही सियासी खिचड़ी

एनसीपी संस्थापक शरद पवार और महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की बार-बार मुलाकात से बड़े पवार की छवि धूमिल हो रही है। उद्धव गुट ने मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय में यह बात कही है। इसमें कहा गया है कि अजित की अपने चाचा से बार-बार मुलाकात को देखना दिलचस्प बात है और खुद NCP प्रमुख भी इससे बच नहीं रहे हैं।

नहीं मानें शरद पवार!

पुणे में उद्योगपति अतुल चोरडिया के पुणे आवास पर शरद पवार और अजित पवार के बीच करीब पौना घंटा चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि इस सीक्रेट बैठक के दौरान महाराष्ट्र के एनसीपी अध्यक्ष जयंत पाटिल भी मौजूद थे। इस बैठक में अजित पवार ने प्रस्ताव रखा कि शरद पवार को विपक्ष के साथ रहने की बजाय सत्ता पक्ष में आना चाहिए और हमारा मार्गदर्शन करना चाहिए। लेकिन शरद पवार ने इसे खारिज कर दिया।

भतीजे अजित के साथ पुणे में ‘गुप्त’ बैठक के बारे में पूछे जाने पर शरद पवार ने कहा था, ‘‘मैं आपको एक तथ्य बताना चाहता हूं कि वह मेरा भतीजा है। अपने भतीजे से मिलने में क्या गलत है? यदि परिवार का वरिष्ठ व्यक्ति परिवार के दूसरे सदस्य से मिलना चाहता है तो इससे कोई समस्या नहीं होनी चाहिए।’’

भ्रम खत्म होना चाहिए- राउत

इस बीच, शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा, “शरद पवार और अजित पवार की बैठक के बाद एक भ्रम पैदा हुआ है, लोगों में बहुत शंका है। जल्द से जल्द ये भ्रम खत्म होना चाहिए... हम इस बारे में शरद पवार से बात करेंगे।“ बता दें कि कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और एनसीपी महाविकास आघाडी (MVA) के घटक दल हैं। जबकि एनसीपी का एक धड़ा अजित पवार के नेतृत्व में शिंदे सरकार के साथ है।

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