16 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Maharashtra Politics: उद्धव गुट को मिला शरद पवार की NCP का समर्थन, चुनाव आयोग के निर्णय को बताया दर्दभरा

उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना खेमे को बीती रात तब बड़ा झटका लगा जब केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह 'धनुष-बाण' यानी ‘तीर-कमान’ के उपयोग पर पाबंदी लगा दी। आयोग ने शिंदे खेमे के लिए शिवसेना के निशान को सील कर दिया है। इस बीच शरद पवार की पार्टी एनसीपी ने उद्धव ठाकरे गुट को समर्थन दे रही हैं।

2 min read
Google source verification
sharad_pawar_and_uddhav_thackeray.jpg

Sharad Pawar And Uddhav Thackeray

उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना खेमे को बीती रात तब बड़ा झटका लगा जब केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह 'धनुष-बाण' यानी ‘तीर-कमान’ के उपयोग पर पाबंदी लगा दी। आयोग ने शिंदे खेमे के लिए शिवसेना के निशान को सील कर दिया है। इस बीच उद्धव ठाकरे गुट को दिग्गज नेता शरद पवार की पार्टी एनसीपी का समर्थन मिला है। भारत निर्वाचन आयोग के अंतरिम आदेश को एनसीपी ने चौंकाने वाला बताया है। साथ ही यह भी कहा कि उद्धव ठाकरे कमजोर नहीं हुए हैं।

शनिवार को इलेक्शन कमीशन ने उद्धव ठाकरे और सीएम एकनाथ शिंदे गुट को शिवसेना के नाम और चिह्न का उपयोग करने पर रोक लगा दी थी। इलेक्शन कमीशन के इस फैसले के बाद महाविकास अघाड़ी में शिवसेना के साथ रही एनसीपी ने कहा है कि इलेक्शन कमीशन के निर्देश का अर्थ है यह नहीं है कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाला गुट कमजोर हो गया है या हतोत्साहित हो गई है। फिलहाल, दोनों ही गुट इलेक्शन कमीशन के इस आदेश पर मंथन की तैयारी कर रहे हैं। यह भी पढ़ें: Shiv Sena: चुनाव आयोग ने शिवसेना का 'धनुष-बाण' फ्रीज करने की बताई वजह, अब क्या करेंगे उद्धव गुट व शिंदे गुट?

मिली जानकारी के मुताबिक रविवार दोपहर 12 बजे से ठाकरे ने बैठक बुलाई हैं। वहीं, सीएम एकनाथ शिंदे शाम सात बजे समर्थकों से मिल सकते हैं। इस बीच मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए एनसीपी प्रवक्ता महेश तपासे ने बताया कि चिह्न और नाम को फ्रीज करने का फैसला दर्दभरा और चौंकाने वाला है, लेकिन यह इलेक्शन कमीशन का आखिरी फैसला नहीं है।

महेश तपासे ने आगे कहा कि सीएम शिंदे के नेतृत्व वाली सेना गुट उपचुनाव में लड़ भी नहीं रही है। इसके बाद पार्टी के नाम और चिह्न का उपयोग प्रतिबंधित कर दिया है। चिह्न का फ्रीज करने का यह अर्थ नहीं है कि ठाकरे गुट कमजोर हो गई हैं। एनसीपी और कांग्रेस के साथ ठाकरे गुट बीजेपी को कड़ी टक्कर देगी। यह इलेक्शन आमने-सामने का मुकाबला होगा, क्योंकि बीजेपी ने उद्धव ठाकरे गुट के उम्मीदवार के सामने अपना उम्मीदवार उतारा है।

बता दें कि इलेक्शन कमीशन की तरफ से अंतरिम आदेश ऐसे समय पर सामने आया है, जब पार्टियां अंधेरी ईस्ट में उप चुनाव की तैयारियां में जुटी हैं। सीट पर 3 नवंबर को इलेक्शन होने वाला है। इससे पहले यह सीट शिवसेना के पास थी, लेकिन विधायक रमेश लाटके के मौत के बाद यहां उपचुनाव होने हैं। कहा जा रहा है कि इलेक्शन कमीशन के आदेश के बाद दोनों ही गुट शिवसेना के नाम और चिह्न का उपयोग नहीं कर सकते।

अंधेरी ईस्ट से कौन हैं मैदान में?: बता दें कि शिवसेना ने सीट से दिवंगत रमेश लाटके की वाइफ को मैदान में उतारा है। एनसीपी और कांग्रेस दोनों ही शिवसेना उम्मीदवार का अपना समर्थन दें रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ बीजेपी ने मुरजी पटेल को मैदान में उतारा है।