
देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे
Maharashtra Government Advertisement: महाराष्ट्र की शिंदे-फडणवीस सरकार को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। कुछ महीने पहले सत्ता में आई इस सरकार ने महज सात महीनों में ही सरकारी खजाने से 42 करोड़ 44 लाख रुपये विज्ञापन के लिए खर्च किए हैं। यह खुलासा बारामती तालुका के करंजेपूल के एक आरटीआई कार्यकर्ता नितिन यादव द्वारा दाखिल आरटीआई में हुआ है।
जानकारी के मुताबिक, विज्ञापन पर यह खर्च शिंदे-फडणवीस सरकार ने अपने शुरू के 215 दिनों के कार्यकाल में किया है। हाल ही में आरटीआई आवेदन पर यह जानकारी राज्य सरकार ने दी है। विज्ञापन पर होने वाले खर्च का औसत निकाला जाए तो प्रतिदिन करीब 19 लाख 74 हजार रुपए खर्च किए गए। यह भी पढ़े-महाराष्ट्र: BJP को लगा झटका! कांग्रेस ने कस्बा पेठ सीट से रवींद्र धंगेकर को बनाया उम्मीदवार
ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जब राज्य सरकार जनकल्याण के नारे के साथ सत्ता में आई है तो इतनी बड़ी रकम सिर्फ विज्ञापनों पर क्यों खर्च की जा रही है, वह भी तब जब राज्य में बड़ी संख्या में किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं और अपनी जान दे रहे हैं।
इन विज्ञापनों पर हुए खर्च
स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव के तहत हर घर तिरंगा पहल, केंद्र सरकार की पहल के रूप में बूस्टर डोज़, नेशन लीडर टू नेशन फादर सेवा पखवाड़ा, मराठी भाषा पहल, G20, उद्योग (रत्नों का सागर), भारतीय विज्ञान कांग्रेस, राज्य स्तरीय रोजगार मेला, एमएमआरडीए, महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम, हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे जयंती आदि से संबंधित विज्ञापनों पर 7 महीने में 42 करोड़ 44 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
बता दें कि पिछली बीजेपी सरकार के समय भी विज्ञापनों पर बड़े पैमाने पर पैसा खर्च करने का आरोप लगा था। वर्तमान सरकार भी विज्ञापनों पर करोड़ों की राशि खर्च कर रही है। आरोप लगाया जा रहा है कि विकास के नाम पर ढोल बजाने वाली मौजूदा सरकार आम लोगों का पैसा बर्बाद कर रही है। विज्ञापन पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बजाय प्रदेश की जनता, किसानों के हित में फैसले लेने और उन्हें लागू करने की जरूरत है।
Published on:
06 Feb 2023 05:24 pm

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