
बॉम्बे हाईकोर्ट
Maharashtra Government Hospital: महाराष्ट्र के नांदेड के बड़े सरकारी अस्पताल में चार दिनों के भीतर 18 नवजात शिशुओं सहित 37 लोगों की मौत के बाद राज्य सरकार ने शुक्रवार को कोर्ट में अपना पक्ष रखा। हाल ही में बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) ने राज्य के सरकारी अस्पतालों में मरीजों की बड़ी संख्या में मौत पर स्वत: संज्ञान लिया है। इस मामले की आज हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान महाराष्ट्र सरकार की तरफ से दलील दी गयी कि सरकारी अस्पताल में लाए गए अधिकांश मरीज लास्ट स्टेज में थे और उनकी मौतों के लिए किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता है।
नांदेड के डॉ. शंकरराव चव्हाण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (Shankarrao Chavan Government Hospital) में हुई संदिग्ध मौतों के मामले में महाराष्ट्र सरकार की ओर से महाधिवक्ता बीरेंद्र सराफ ने कोर्ट से कहा, "ज्यादातर मरीज अंतिम चरण में सरकारी अस्पताल में आए थे। सरकारी अस्पतालों पर बहुत दबाव है और कर्मचारियों की कमी है, ऐसे में मरीजों की मौतों के लिए किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता है। मुख्यमंत्री खुद स्थिति पर नजर रख रहे हैं।" यह भी पढ़े-महाराष्ट्र के सरकारी अस्पतालों में मरीजों की मौत पर NHRC सख्त, शिंदे सरकार से मांगा जवाब
सरकार से मांगा ब्यौरा
हालांकि, बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से साफ कहा कि मरीजों की मौत के मामले में वह अपनी जिम्मेदारियों से नहीं बच सकती। मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय (DK Upadhyaya) ने कहा, "आप यह कहकर बच नहीं सकते कि अस्पताल पर बोझ है। आप राज्य हैं। आप किसी निजी पर जिम्मेदारी नहीं डाल सकते।" हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति आरिफ डॉक्टर (Arif Doctor) की खंडपीठ ने राज्य सरकार की ओर से पेश महाधिवक्ता बीरेंद्र सराफ से स्वास्थ्य के लिए राज्य के बजटीय आवंटन के बारे में विवरण कोर्ट को सौंपने को कहा।
सरकार से पूछा कब होंगी भर्तियां?
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सरकार अस्पताल में मौजूदा रिक्तियों पर सवाल उठाए। कोर्ट ने पूछा "मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसरों के 97 स्वीकृत पद हैं लेकिन वर्तमान में केवल 49 प्रोफेसरों ही वहां तैनात हैं। आप इस बारे में क्या कहेंगे?" इस पर महाराष्ट्र के महाधिवक्ता ने कहा कि राज्य का स्वास्थ्य सेवा विभाग इन रिक्तियों को लेकर सकारात्मक है और इन्हें नवंबर तक भर दिया जाएगा।
CM का कलेक्टरों को ये आदेश
इस बीच, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने गुरुवार को राज्य कलेक्टरों को अपने संबंधित जिलों में सभी मेडिकल कॉलेजों, सरकारी अस्पतालों, नागरिक निकायों के तहत अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का दौरा करने का निर्देश दिया। इसके बाद वहां सुविधाओं की मौजूदा स्थिति पर रिपोर्ट पेश करने को कहा है। जिसके बाद ठाणे समेत राज्य के कई जिलों के कलेक्टरों ने स्वास्थ्य केंद्रों का दौरा करना शुरू कर दिया है। यह भी पढ़े-Maharashtra: नांदेड अस्पताल के डीन के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज
Published on:
06 Oct 2023 06:32 pm
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