
Udayan Raje
महाराष्ट्र में सियासी घमासान जारी हैं। महाराष्ट्र के सातारा से बीजेपी सांसद और छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज आज कोई एक बड़ा फैसला ले सकते हैं। उदयन राजे लगातार अपनी ही पार्टी बीजेपी के खिलाफ बोलते हुए नजर आ रहे हैं। दरअसल वे शिवाजी महाराज पर विवादास्पदा बयान देने के बावजूद महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी और बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशू महाराज पर कोई कार्रवाई नहीं होता हुआ देख कर काफी नाराज हैं। वहीं, कुछ दिनों पहले बीजेपी के सांसद उदयन राजे अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मुद्दे पर भावुक होते हुए भी नजर आए थे और उनकी आंखों में आंसू आ गए थे।
इस समय उदयन राजे राज्यपाल को महाराष्ट्र से वापस भेजने की मांग लिए अपने गढ़ सातारा से रायगढ़ किले की तरफ अपने समर्थकों के साथ शिवाजी सम्मान यात्रा कर रहे हैं। आज उदयन राजे आर-पार की भूमिका अपनाने के मूड में बताए जा नजर आ रहे हैं। हो सकता है उदयन राजे बीजेपी से अपनी राह अलग कर लें। शुक्रवार को उन्होंने राज्यपाल सिंह भगत कोश्यारी और सुधांशू त्रिवेदी का नाम लिए बिना बहुत बड़ा बयान दिया था। यह भी पढ़े: नवी मुंबई: सेंट बेथल चर्च पर चला मनपा का बुलडोजर, पादरी पर लगे थे ये गंभीर आरोप
बता दें कि उदयन राजे ने कहा था कि मन करता है, शिवाजी महाराज का अपमान करने वालों का सर तलवार से छांट दूं। इसके बाद शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट के सांसद संजय राउत ने कहा सर छांटने-वांटने की बात करने की बजाए बीजेपी की सदस्यता से इस्तीफा देकर दिखाएं। बीजेपी के सांसद होते हुए उनकी अपनी पार्टी लाइन से हटने की भूमिका अपनाए जाने की वजह से बीजेपी खेमे में हलचल मची हुई है।
बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री चंद्रकांत पाटील ने उदयन राजे से हाथ जोड़ कर विनती करते हुए इस मामले पर पर्दा डालने की बात कही है। चंद्रकांत पाटील ने कहा कि जिस राज्यपाल ने शिवनेरी की सीढ़ियां चढ़कर शिवराया (शिवाजी महाराज) का दर्शन किया। उनके मुंह से अगर गलती से कुछ शब्द निकल गए तो हमें भी इस मुद्दे को यहां समाप्त कर देना चाहिए। ऐसी उदयन राजे से मेरी हाथ जोड़कर विनती है। चंद्रकांत पाटील ने कहा कि शिवराया का अनादर करने की भावना राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के मन में हो ही नहीं सकती।
राज्यपाल ने शिवाजी महाराज को बताया था पुराना आदर्श: बता दें कि कुछ दिनों पहले महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने डॉ भीमराव आंबेडकर मराठवाड़ा यूनिवर्सिटी में शरद पवार और नितिन गडकरी को डी लिट की उपाधि दिए जाने से जुड़े प्रोग्राम में कहा था कि शिवाजी महाराज तो पुराने आदर्श हो गए हैं। आज के आदर्श तो नितिन गडकरी हैं। वहीं, बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशू त्रिवेदी ने एक टीवी डिबेट में वीर सावरकर द्वारा अंग्रेजों से माफी मांगने वाले पत्र की तुलना छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा औरंगजेब को लिखी चिठ्ठी से कर दी थी।
बता दें कि शिंदे सरकार में मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने भी बुधवार को शिवाजी प्रताप दिवस के मौके पर प्रतापगढ़ के किले पर आयोजित प्रोग्राम में सीएम शिंदे की उद्धव ठाकरे के नेतृत्व से बगावत कर उनके गुट से बाहर आ जाने की तुलना शिवाजी महाराज के आगरा में औरंगजेब की कैद से बाहर आ जाने से कर दी थी। ऐसे ही लगातार हो रहे शिवाजी महाराज पर विवादास्पद बयान से छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज उदयन राजे भोंसले बेहद नाराज हो गए हैं।
Updated on:
03 Dec 2022 11:33 am
Published on:
03 Dec 2022 11:18 am
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