
उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे (Photo: IANS/File)
Maharashtra MLC Election: महाराष्ट्र विधान परिषद (एमएलसी) की 11 सीटों पर गुरुवार को मतदान हो रहा है, लेकिन वोटिंग शुरू होने से पहले ही महायुति ने बड़ा राजनीतिक मास्टरस्ट्रोक खेल दिया है। विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाड़ी (एमवीए) के उम्मीदवारों की अंतिम समय में हुई नाम वापसी के चलते 11 में से 6 सीटों पर महायुति के उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। इससे भाजपा, शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की सत्तारूढ़ महायुति को बड़ा राजनीतिक फायदा मिला है।
निर्विरोध जीत के बाद महायुति खेमे में उत्साह का माहौल है, जबकि विपक्षी महाविकास आघाड़ी को बड़ा झटका लगा है। अब शेष 11 स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान कराया जा रहा है, जिनके नतीजे 22 जून को घोषित होंगे।
निर्विरोध चुनी गई छह सीटों को छोड़कर राज्य के सोलापुर, जलगांव, सांगली-सातारा, नांदेड़, नागपुर, भंडारा-गोंदिया, नासिक, अमरावती, धाराशिव-लातूर-बीड, परभणी-हिंगोली और छत्रपति संभाजीनगर-जालना निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान हो रहे हैं।
इन चुनावों को लेकर राजनीतिक हलकों में खास उत्सुकता बनी हुई है, क्योंकि हाल ही में शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों को लेकर चर्चा में रहे ‘ऑपरेशन टाइगर’ के असर पर भी सभी की नजरें टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि विधानसभा और स्थानीय निकाय स्तर पर इस राजनीतिक घटनाक्रम का कोई प्रभाव मतदान में दिखाई देता है या नहीं।
इन चुनावों को लेकर राजनीतिक हलकों में खास उत्सुकता बनी हुई है। पिछले कुछ दिनों से चल रहे 'ऑपरेशन टाइगर' का असर एमएलसी चुनावों पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना द्वारा उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) के नेताओं को अपने पाले में खींचने की कोशिशे की जा सकती है। इसी वजह से सभी दल अपने वोट बैंक को एकजुट रखने की कोशिश में जुटे हुए हैं।
किसी भी प्रकार की क्रॉस वोटिंग और बगावत से बचने के लिए महायुति और महाविकास अघाड़ी के सभी दलों ने अपने मतदाताओं के लिए 'व्हिप' जारी किया है। जिसमें स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अधिकृत उम्मीदवारों के अलावा किसी अन्य प्रत्याशी को वोट नहीं दिया जाए। व्हिप का उल्लंघन करने वालों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
विधान परिषद की स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र की सीटों के लिए आम जनता मतदान नहीं करती। इन चुनावों में नगर निगमों के पार्षद, जिला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्य मतदान करते हैं। इसलिए इन चुनावों को स्थानीय निकायों में राजनीतिक दलों की वास्तविक ताकत का महत्वपूर्ण परीक्षण माना जाता है।
महायुति के छह उम्मीदवार बिना मुकाबले विधान परिषद पहुंचने में सफल रहे हैं। इसमें शिवसेना शिंदे गुट के रविंद्र फाटक (ठाणे) और दुष्यंत चतुर्वेदी (यवतमाल), एनसीपी सुनेत्रा पवार गुट के अनिकेत तटकरे (रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग) और विक्रम काकड़े (पुणे), जबकि भाजपा से अरुण लखानी (वर्धा-गडचिरोली-चंद्रपुर) और प्राजक्त तनपुरे (अहिल्यानगर) शामिल हैं।
अब राजनीतिक दलों की नजर 11 सीटों पर होने वाले मतदान और 22 जून को होने वाली मतगणना पर है। हालांकि राजनीतिक जानकारों का मानना है कि निर्विरोध जीत के बाद महायुति का मनोबल काफी बढ़ा है और बाकी सीटों पर भी उसके उम्मीदवार मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहे हैं।
Updated on:
18 Jun 2026 10:10 am
Published on:
18 Jun 2026 10:03 am
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