12 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

महाराष्ट्र में फिर होगी बेमौसम बारिश, मौसम विभाग ने इन जिलों के लिए जारी किया अलर्ट

Maharashtra Weather Alert: मौसम विभाग की ओर से धुले, नंदुरबार, सोलापुर, परभणी, हिंगोली, नांदेड़, लातूर, उस्मानाबाद, अमरावती, भंडारा, चंद्रपुर, गढ़चिरौली, गोंदिया, नागपुर में शुक्रवार और शनिवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

less than 1 minute read
Google source verification

मुंबई

image

Dinesh Dubey

Mar 22, 2023

maharashtra_weather_update.jpg

महाराष्ट्र में फिर बेमौसम बारिश की भविष्यवाणी

Maharashtra Weather Updates: महाराष्ट्र में पिछले कुछ दिनों से बेमौसम मौसम और ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। इस बीच, मौसम विभाग (IMD) ने अगले चार दिनों के दौरान राज्य में फिर से गरज के साथ बारिश की संभावना जताई है। इस वजह से पहले से परेशान अन्नदाताओं की चिंता और बढ़ गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, श्रीलंका से विदर्भ तक फैले कम दबाव के अक्ष के कारण शनिवार (25 मार्च) तक राज्य में कई स्थानों पर बारिश होने की उम्मीद है। आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक इस हफ्ते राज्य में बारिश की अधिक संभावना है। इसमें मुंबई के साथ पालघर, ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी में गुरुवार तक हल्की बारिश होने की उम्मीद है, जबकि सिंधुदुर्ग में आज (बुधवार) बारिश की भविष्यवाणी की गई है। यह भी पढ़े-गुड़ी पड़वा पर भी महाराष्ट्र के किसान मायूस, बारिश और ओलावृष्टी से 80 हजार हेक्टेयर फसल खराब

वहीँ, मौसम विभाग की ओर से धुले, नंदुरबार, सोलापुर, परभणी, हिंगोली, नांदेड़, लातूर, उस्मानाबाद, अमरावती, भंडारा, चंद्रपुर, गढ़चिरौली, गोंदिया, नागपुर में शुक्रवार और शनिवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

इसके अलावा महाराष्ट्र के नासिक, अकोला, बुलढाणा, वर्धा, वाशिम, यवतमाल में शनिवार को बिजली चमकने के साथ बारिश हो सकती है। तब तक यहां हल्की बौछारें भी पड़ने की उम्मीद है। जलगांव, अहमदनगर, पुणे में अगले चार दिनों के दौरान कभी-कभी बारिश होने की भविष्यवाणी मौसम विभाग ने की है।

गौरतलब हो कि पिछले हफ्ते महाराष्ट्र के कई हिस्सों में लगभग पांच दिनों तक बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि हुई। इससे अब तक 80,000 हेक्टेयर से अधिक फसल के प्रभावित होने की जानकारी सामने आ रही है। जबकि नुकसान के आकलन के लिए सरकार पंचनामा करवा रही है।