
मराठा आंदोलन
Maratha Reservation: मराठा आरक्षण को लेकर चल रहे आंदोलन की आग महाराष्ट्र के कई जिलों में फैलती जा रही है। मुंबई-पुणे समेत महाराष्ट्र के अलग-अलग ज़िलों में मराठा समाज के लोग सड़कों पर उतर रहे हैं। इसकी आंच अब मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के ‘गढ़’ ठाणे जिले (Thane Bandh Today) तक पहुंचती दिख रही है।
जालना जिले के अंतरवाली सराटी में पिछले 13 दिनों से मनोज जरांगे पाटिल के नेतृत्व में आंदोलन चल रहा है। मनोज जरांगे तब से भूख हड़ताल पर बैठे है। कुछ दिन पहले इन प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज (Jalna Lathicharge) किया गया था। इस लाठीचार्ज का असर पूरे राज्य में देखने को मिल रहा है। यह भी पढ़े-Maratha Reservation: मनोज जरांगे के अनशन का 13वां दिन, पानी-दवा बंद, विरोध में उतरा OBC समाज
जालना में मराठा आंदोलनकारियों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में 11 सितंबर को ठाणे शहर में बंद का आह्वान किया गया है। इस बंद में मराठा संगठनों के अलावा बड़े राजनीतिक दल भी शामिल है। राज्य के प्रमुख विपक्षी दलों के स्थानीय नेताओं ने संभाजी ब्रिगेड (Sambhaji Brigade) समर्थित सकल मराठा मोर्चा (Sakal Maratha Morcha) द्वारा बुलाए गए 'बंद' को समर्थन देने की घोषणा की है।
इस संबंध में ठाणे के सरकारी रेस्ट हाउस में सकल मराठा समुदाय के साथ सर्वदलीय बैठक हुई। इस बैठक में सर्वसम्मति से ठाणे को एक दिन के लिए बंद करने का फैसला लिया गया। शनिवार को ठाणे में हुई विपक्षी दलों की बैठक में स्थानीय नेताओं ने बंद को अपना समर्थन देने की घोषणा की और ठाणे के नागरिकों से इसमें भाग लेने की अपील की।
बैठक में एनसीपी (शरद पवार गुट) शहर इकाई के अध्यक्ष सुहास देसाई, शिवसेना (यूबीटी) शहर इकाई के प्रमुख प्रदीप शिंदे, मनसे (MNS) नेता रवींद्र मोरे, अविनाश जाधव, मराठा क्रांति मोर्चा (Maratha Kranti Morcha) के शहर प्रमुख रमेश अंबरे और कांग्रेस के शहर अध्यक्ष विक्रांत चव्हाण शामिल हुए।
Published on:
10 Sept 2023 09:02 pm
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