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400 CCTV कैमरे, कपड़े पर बना लोगो और शराब का नशा! पनवेल से धराया मयंक का कातिल रोशन सुवर्णा

Mayank Lohar Murder Case: पुलिस की गिरफ्त में आए 30 वर्षीय आरोपी रोशन सुवर्णा के बारे में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। रोशन मीरा रोड का रहने वाला है और अंधेरी एयरपोर्ट के पास एक कार्गो हैंडलिंग कंपनी में अपने पिता और बड़े भाई के साथ काम करता था।
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मुंबई

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Dinesh Dubey

Jun 25, 2026

Mumbai Local murder Roshan Suvarna Arrested

मृतक मयंक लोहार और आरोपी रोशन सुवर्णा (Photo: X/@sirajnoorani/IANS)

Mumbai Local Train Murder: लोकल ट्रेन के फर्स्ट क्लास कंपार्टमेंट में 22 वर्षीय मयंक लोहार की चाकू घोपकर की गई बेरहम से हत्या ने पूरी मुंबई को दहला दिया है। इस वारदात के बाद पीड़ित परिवार पूरी तरह टूट चुका है। मयंक के माता-पिता और बहई बहन का रो-रोकर बुरा हाल है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से हत्यारे के लिए सिर्फ और सिर्फ फांसी की सजा की मांग की है। इस बीच, कड़ी मशक्कत के बाद मयंक के हत्यारे को पुलिस ने नवी मुंबई के पनवेल शहर से गिरफ्तार कर लिया है। वह वारदात को अंजाम देने के बाद अपने गांव भागने की फिराक में था।

पुलिस के मुताबिक, मयंक पर हमला करने के बाद रोशन सुवर्णा (30) बोरीवली स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-6 के पास चलती लोकल ट्रेन से उतरकर फरार हो गया। उस समय उसकी पहचान नहीं हो सकी थी, इसलिए बोरीवली जीआरपी ने पश्चिम रेलवे के चर्चगेट से नालासोपारा तक के स्टेशनों पर बड़े स्तर पर जांच शुरू की। इसके लिए पुलिस की छह टीमें बनाई गई थी।

400 CCTV कैमरों ने खोला आरोपी का राज

जांच के दौरान पुलिस ने रेलवे स्टेशन और आसपास लगे करीब 400 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसी दौरान एक फुटेज में आरोपी की टी-शर्ट पर उसकी कंपनी का लोगो साफ दिखाई दिया।

यही जांच का सबसे बड़ा सुराग साबित हुआ। पुलिस तुरंत उस कंपनी पहुंची, जहां से आरोपी की पहचान रोशन सुवर्णा के रूप में हुई। वहां से उसका पता, मोबाइल नंबर और अन्य जानकारी जुटाई गई।

मीरा रोड से पनवेल तक पीछा करती रही पुलिस

तकनीकी निगरानी के जरिए पुलिस को पता चला कि वारदात के बाद आरोपी पहले मीरा रोड स्थित अपने घर गया। वहां उसने नहाकर कपड़े पैक किए और परिवार वालों से कहा कि वह थोड़ी देर में लौट आएगा।

इसके बाद उसने कैब बुक कर पनवेल पहुंचकर अपने गृह राज्य मंगलूरु जाने के लिए बस का टिकट भी खरीद लिया था। बस दोपहर करीब 3 बजे रवाना होने वाली थी।

लेकिन इससे पहले ही पुलिस उसकी लोकेशन तक पहुंच गई। दोपहर करीब 2 बजे पनवेल रेलवे स्टेशन पर बैठा मिला आरोपी हिरासत में लिया गया और बाद में बोरीवली जीआरपी ने उसे हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।

नशे में था आरोपी, पहले कैब से करने वाला था सफर

पुलिस जांच में सामने आया है कि रोशन सुवर्णा अंधेरी एयरपोर्ट के पास स्थित एक कार्गो हैंडलिंग कंपनी में अपने पिता और बड़े भाई के साथ काम करता था। पूछताछ में उसने बताया कि घटना वाले दिन ड्यूटी खत्म होने के बाद उसने शराब पी थी। पहले वह कैब से घर जाने वाला था, लेकिन भारी बारिश और कैब नहीं मिलने के कारण उसने अंधेरी स्टेशन से चर्चगेट-नालासोपारा फास्ट लोकल पकड़ ली। जिसमें पीड़ित मयंक भी था। बारिश का पानी अंदर आने की वजह से मयंक ने आरोपी रोशन से ट्रेन का दरवाजा बंद करने के लिए कहा, जिससे उनमें बहस हो गई। इस दौरान कुछ अन्य यात्रियों ने भी रोशन के साथ हाथापाई की। इस वजह से रोशन को अपमानित महसूस होने लगा और उसने गुस्से में अपने बैग से चाकू निकालकर चलती ट्रेन के अंदर ही 22 साल के मयंक के पेट और छाती पर तीन-चार बार वार किया।  गंभीर रूप से घायल मयंक ने बाद में दम तोड़ दिया।

कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं, चाकू कहां से आया?

पुलिस के अनुसार, आरोपी रोशन सुवर्णा का पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं रहा है। जांच में यह भी पता चला कि वारदात में इस्तेमाल हुई चाकू उसने कुछ दिन पहले अपने एक दोस्त से ली थी और वह तब से ही उसके बैग में थी। फिलहाल चाकू लेने का कारण पता नहीं चल पाया है। पुलिस छानबीन कर रही है।