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बुलेट ट्रेन टर्मिनस के लिए दिसंबर तक BKC में मिल जाएगी जमीन, शिंदे सरकार के आने से प्रोजेक्ट को मिली डबल रफ्तार

Mumbai-Ahmedabad Bullet Train News: बीकेसी में फरवरी 2018 में भूमि की मंजूरी दी गई थी, जबकि विक्रोली में जमीन देने से जुड़ा प्रस्ताव अक्टूबर 2019 से लंबित था। वहीँ, मार्च 2021 में अनिवार्य शुल्क का भुगतान किये जाने के बावजूद भी लगभग 95 हेक्टेयर वन भूमि भी प्रोजेक्ट के लिए अब तक नहीं सौंपी गई थी।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Jul 15, 2022

Mumbai-Ahmedabad Bullet Train News

शिंदे सरकार के आने से बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को मिली रफ्तार

Mumbai-Ahmedabad Bullet Train Project News: महाराष्ट्र में बीजेपी समर्थित शिंदे सरकार के आने के बाद से मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना को नई रफ्तार मिली है. नई सरकार ने हाल ही में राज्य में मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन के लिए सभी मंजूरी दे दी है. इसका अर्थ है कि इस प्रोजेक्ट से जुड़े राज्य में भूमि अधिग्रहण के अधिकांश मुद्दों के जल्द सुलझ जाने की उम्मीद है। रेल मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार (Maharashtra Government) दिसंबर तक मुंबई के बीकेसी (BKC) में बुलेट ट्रेन टर्मिनस के लिए आवश्यक जमीन सौंप देगी।

महाराष्ट्र में बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए 431 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता है, लेकिन केवल 72% का अधिग्रहण किया गया है और केवल 39% नेशनल हाई स्पीड रेल कारपोरेशन (NHSRCL) के पास कब्जे में है। एक दिन पहले ही राज्य के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कैबिनेट निर्णय की जानकारी देते हुए कहा था कि बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए सीएम एकनाथ शिंदे ने सभी मंजूरी दे दी है। यह भी पढ़े-Maharashtra Politics: शिंदे कैबिनेट के विस्तार पर सस्पेंस बरकरार, अब राष्ट्रपति चुनाव के बाद हो सकता है नए मत्रियों का शपथ समारोह

अधिकारियों ने बताया कि शिंदे ने बुधवार को लंबित मंजूरियों को हरी झंडी दे दी है, जिससे परियोजना के तेजी से क्रियान्वयन का रास्ता साफ हो गया। जब शिंदे-फडणवीस सरकार सत्ता में आई थी, तो उन्होंने कहा था कि उनका ध्यान एमवीए (MVA) शासन के दौरान अटकी प्रमुख परियोजनाओं के त्वरित कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने पर होगा।

बता दें कि बुलेट ट्रेन परियोजना को संभाल रही एनएचएसआरसीएल (NHSRCL) तब तक टेंडर नहीं जारी कर सकता है, जब तक कि 90% भूमि उसके कब्जे में न हो। एनएचएसआरसीएल ने हाल ही में महाराष्ट्र सरकार को बताया था कि इस प्रोजेक्ट में शामिल जापानी पक्ष ने राज्य में सिविल कार्य शुरू करने की संभावित तारीखों की जानकारी मांगी है, दरअसल बीकेसी में भूमिगत स्टेशन और एक अंडर-सी सुरंग बनाने के काम को बार-बार स्थगित किये जाने की वजह से टेंडर रद्द करनी पड़ी थी। इसमें कहा गया है कि जब तक बीकेसी और विक्रोली में जमीन नहीं दी जाती है, तब तक भूमिगत टर्मिनस और 21 किमी लंबी समुद्र के नीचे सुरंग के निर्माण के लिए बोलियां नहीं लगाई जा सकतीं है।

बीकेसी में फरवरी 2018 में भूमि की मंजूरी दी गई थी, जबकि विक्रोली में जमीन देने से जुड़ा प्रस्ताव अक्टूबर 2019 से लंबित था। वहीँ, मार्च 2021 में अनिवार्य शुल्क का भुगतान किये जाने के बावजूद भी लगभग 95 हेक्टेयर वन भूमि भी प्रोजेक्ट के लिए अब तक नहीं सौंपी गई थी। जबकि पालघर में लगभग 288 हेक्टेयर की कुल आवश्यक जमीन का 70% अधिग्रहण कर लिया गया है, जबकि ठाणे में जरूरी 141 हेक्टेयर में से 78% भूमि एनएचएसआरसीएल के कब्जे में है।

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