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ओमसिंह राजपुरोहित, पुणे: पांच दशक पूर्व अंडरवर्ल्ड की हस्तियां सोने की तस्करी (Gold Smuggling) को लेकर उनकी पहचान बन चुकी थी। खासकर सोने पर टैक्स बचाने के लिए जलमार्ग द्वारा विदेशों से सोने की भारत में तस्करी होती रही थी। लेकिन अब यह मार्ग समुद्री मार्ग ना रहकर हवाई मार्ग हो गया है। हाल के वर्षों में सोने के आयात शुल्क में वृद्धि का कारण भी एयरपोर्ट के रास्ते से सोने की तस्करी को ही माना जा रहा है।
कस्टम विभाग द्वारा जुटाई गई जानकारी और आंकड़ों के अनुसार इन 10 महीनों में सोने की तस्करी में मुंबई एयरपोर्ट को पहला स्थान दिया गया है। उसके बाद पुणे, दिल्ली, कोलकाता और चेन्नई एयरपोर्ट भी तस्करों द्वारा सोने की तस्करी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले इन तस्करों का पसंदीदा मार्ग बना हुआ है। यह भी पढ़े-पुणे: IPL पर सट्टा लगाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, क्राइम ब्रांच ने 9 सटोरियों को दबोचा
चौकाने वाले हैं आंकड़े
अप्रैल 2022 और फरवरी 2023 के बीच मुंबई एयरपोर्ट पर 604 किलोग्राम, दिल्ली एयरपोर्ट पर 374 किलोग्राम, चेन्नई एयरपोर्ट पर 304 किलोग्राम और कोझीकोड एयरपोर्ट पर 91 किलोग्राम सोना जब्त किया गया। वर्ष 2019 में दिल्ली एयरपोर्ट पर 494 किलो, मुंबई में 403 किलो, चेन्नई में 393 किलो सोना विभाग द्वारा एयरपोर्ट पर जब्त किया गया।
हाल ही में राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने नेपाल सीमा से संचालित सूडानी नागरिकों के सोने की तस्करी करने वाले सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया था। डीआरआई ने पटना, पुणे और मुंबई में अलग-अलग इंटरसेप्शन में लगभग 51 करोड़ रूपये मूल्य का कुल 101.7 किलोग्राम तस्करी का सोना जब्त किया। जब्त सोना को ज्यादातर पेस्ट के रूप में भारत-नेपाल सीमा के माध्यम से पटना लाया जा रहा था और फिर ट्रेन या हवाईमार्ग से देश के विभिन्न हिस्सों, सबसे ज्यादा मुंबई में पहुँचाया जा रहा था।
Published on:
10 Apr 2023 07:04 pm
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