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Mumbai: जेजे हॉस्पिटल गोलीकांड का मुख्य आरोपी 32 साल बाद गिरफ्तार, गैंगवार में गई थी 3 की जान

Mumbai JJ hospital shootout : 1992 के चर्चित जेजे हॉस्पिटल गोलीकांड के मुख्य आरोपी त्रिभुवन सिंह उर्फ श्रीकांत राय रमापति को मिर्जापुर जेल से गिरफ्तार किया है।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Oct 20, 2024

JJ hospital shootout case

JJ hospitalshootout case : मुंबई पुलिस ने 1992 जेजे हॉस्पिटल शूटआउट मामले के एक आरोपी को 32 साल बाद उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जेल से गिरफ्तार किया है, जहां वह अन्य मामले में जेल में बंद था। वह अलग नाम से जेल में बंद था। 1992 में हुए इस गोलीकांड में वह भी घायल हुआ था और घटनास्थल से भाग गया था. तब से ही इस मामले में वह वांछित था।

मुंबई क्राइम ब्रांच के मुताबिक, पकड़े जाने से बचने के लिए वह हर जगह अपना नाम बदल कर रह रहा था। मुंबई पुलिस ने उसकी पहचान की पुष्टि करने के बाद उसे मिर्जापुर जेल से गिरफ्तार किया। मुंबई की अदालत ने उसे 25 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेजा है।

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क्या है मामला?

मुंबई पुलिस की एंटी एक्सटॉर्शन सेल ने 1992 के चर्चित जेजे अस्पताल गोलीकांड के मुख्य आरोपी त्रिभुवन सिंह उर्फ श्रीकांत राय रमापति को मिर्जापुर जेल से गिरफ्तार किया है। 12 सितंबर 1992 में हुई गोलीबारी में तीन लोगों की मौत हुई थी।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि हाल में पुलिस जांच के दौरान जानकारी मिली कि सिंह विचाराधीन कैदी के तौर पर यूपी की जेल में बंद है। जिसके बाद मुंबई पुलिस की टीम वहां गई और आरोपी की पहचान करने के बाद उसे हिरासत में लेकर मुंबई लाया गया। उसे मुंबई की विशेष अदालत में शनिवार को पेश किया गया जहां से उसे 25 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।

मुंबई के सरकारी अस्पताल जेजे हॉस्पिटल में चर्चित गोलीकांड अरुण गवली और दाऊद इब्राहिम गिरोह के बीच गैंगवार का नतीजा था। जो हसीना पार्कर के पति इब्राहिम पार्कर उर्फ इब्राहिम लंबू की हत्या के बाद शुरू हुआ। हत्या के बाद गवली गिरोह के संदिग्ध सदस्यों विपिन शेर और शैलेश हलदनकर को भीड़ ने पीटा और जेजे अस्पताल में भर्ती कराया।

पुलिस के मुताबिक 12 सितंबर 1992 को दाऊद इब्राहिम गिरोह के बृजेश सिंह और सुभाष सिंह सहित अन्य शूटरों ने एके47 और रिवाल्वर से गोलीबारी की और हथगोले छोड़े। जिसमे हलदनर और दो पुलिस कर्मियों की मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में 30 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। अदालत ने सुभाष सिंह ठाकुर को उम्रकैद की सजा सुनाई जबकि 2018 में पुलिस ने फरार आरोपी मोहम्मद फारूक यासीन मंसूर को भी गिरफ्तार कर लिया। वह अभी हिरासत में है।