
Durga Idol In Mumbai
मुंबई पुलिस ने लोगों को विसर्जन के बाद देवी दुर्गा की पानी में तैरती हुई या आधी डूबी प्रतिमाओं की फोटो लेने या वीडियो बनाने पर रोक लगा दिया है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने कहा है कि तैरती और आधी डूबी प्रतिमाओं की फोटो और वीडियो से धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं और सार्वजनिक शांति भंग हो सकती है। इसी वजह से दुर्गा मां की पानी में डूबती हुई मूर्तियों की तस्वीरें या वीडियो लेने पर प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने कहा कि आदेश के मुताबिक, दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान 5 से 7 अक्टूबर तक ऐसी फोटो और वीडियो न बनाए जाएं और अखबारों में प्रकाशित या सोशल मीडिया पर शेयर न किए जाएं।
अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने इस संबंध में आपराधिक दंड संहिता की धारा 144 लागू की है। ऐसे में इस आदेश का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं महाराष्ट्र सरकार ने नवरात्र उत्सव के दौरान मुंबई में 3 और 4 अक्टूबर के अलावा, 1 अक्टूबर को भी मध्यरात्रि तक लाउडस्पीकर के उपयोग की मंगलवार को इजाजत दे दी है। यह भी पढ़ें: Maharashtra News: शिंदे सरकार का बड़ा फैसला, अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों का स्कॉलरशिप हुआ दोगुना
बता दें कि इस आदेश में कहा गया है कि कुछ लोग ऐसी प्रतिमाओं की फोटोज और वीडियो बना लेते हैं जो किनारे पर आ जाती है या बीएमसी के द्वारा फिर से विसर्जन के लिए ले जाई जा रही होती हैं। वे ऐसी फोटोज या वीडियो प्रकाशित या शेयर करते हैं जो धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा सकते हैं और जिसके परिणामस्वरूप शांति भंग हो सकती है।
12 बजे तक बज सकेगा लाउडस्पीकर: 3 अक्टूबर (सोमवार) और 4 अक्टूबर (मंगलवार) के अलावा, शनिवार (1 अक्टूबर) को एक एक्स्ट्रा दिन नवरात्र उत्सव के दौरान मध्यरात्रि तक लाउडस्पीकर के उपयोग की इजाजत दिया गया है।
जानें क्या है नियम: बता दें कि पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) संशोधित नियम, 2017 के तहत संबंधित जिला कलेक्टर को साल में किसी भी 15 दिन लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के लिए छूट का एलान करने के लिए अधिकृत किया गया है। आदेश में आगे कहा गया है कि आमतौर पर इस छूट के लिए जिला कलेक्टर 13 दिन तय करते हैं और बाकी दो दिन जिले में स्थानीय परिस्थितियों के मुताबिक छूट के लिए आरक्षित होते हैं।
Published on:
28 Sept 2022 04:58 pm
