13 जुलाई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मुंबई में 8 साल की मासूम से वॉचमैन ने किया दुर्व्यवहार, पुलिस स्टेशन के बाहर भारी बवाल; आरोपी को फांसी देने की मांग

Mumbai Pydhonie minor girl case: पायधुनी इलाके में 8 साल की मासूम बच्ची से इमारत के वॉचमैन ने किया दुष्कर्म। आरोपी गिरफ्तार, लेकिन भड़के लोगों ने पुलिस स्टेशन घेरकर किया जोरदार प्रदर्शन। विधायक रोहित पवार ने 'नसरापूर पैटर्न' के तहत 60 दिनों में आरोपी को फांसी देने की मांग की।
2 min read
Google source verification

मुंबई

image

Imran Ansari

Jul 13, 2026

Mumbai Pydhonie minor girl case

मुंबई में 8 साल की मासूम से वॉचमैन ने किया दुर्व्यवहार

Mumbai building watchman arrested:मुंबई के पायधुनी इलाके से एक बेहद शर्मनाक घटना सामने आई है। दरअसल, यहां एक रिहायशी इमारत के सुरक्षाकर्मी (वॉचमैन) ने ही 8 साल की एक मासूम बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाया। इस घृणास्पद कृत्य के सामने आते ही पूरे इलाके के लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। इंसाफ की मांग को लेकर सैकड़ों की संख्या में स्थानीय नागरिकों ने पायधुनी पुलिस स्टेशन के बाहर जमकर प्रदर्शन और नारेबाजी की। इस घटना की गूंज अब महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में भी सुनाई देने लगी है।

शौचालय में अकेली पाकर किया दुष्कर्म

यह दर्दनाक घटना रविवार (12 जुलाई) को पायधुनी इलाके की एक इमारत में घटित हुई। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, 8 साल की पीड़ित बच्ची इमारत के कॉमन शौचालय (टॉयलेट) में गई थी। वहां बच्ची को अकेला देखकर आरोपी वॉचमैन की नीयत खराब हो गई और उसने उसके साथ दरिंदगी की।

जैसे ही इस बात की भनक बच्ची के परिजनों और आस-पास के लोगों को लगी, इलाके में हड़कंप मच गया। बच्ची के माता-पिता की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पायधुनी पुलिस ने त्वरित एक्शन लिया और आरोपी सुरक्षाकर्मी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया है। पीड़ित मासूम को इलाज और मेडिकल जांच के लिए पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस स्टेशन पर भारी पथराव व प्रदर्शन

घटना से नाराज लोगों का गुस्सा इस कदर फूटा कि सैकड़ों की भीड़ ने पायधुनी पुलिस स्टेशन को घेर लिया। कानून-व्यवस्था की स्थिति का जायजा लेने और लोगों को शांत कराने पहुंचे महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर को भी उग्र भीड़ के घेराव का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने 'आरोपी को तुरंत फांसी दो' के नारे लगाते हुए सड़क जाम कर दी, जिससे दक्षिण मुंबई का ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया। माहौल बिगड़ता देख पूरे परिसर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। काफी मशक्कत के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने जनता को आश्वस्त किया कि आरोपी के खिलाफ बेहद सख्त और सख्त धाराओं में केस चलाकर कड़ी सजा दिलाई जाएगी, जिसके बाद ट्रैफिक बहाल हो सका।

'नसरापूर पैटर्न' के तहत 60 दिनों में फांसी और 'शक्ति कानून' की मांग

इस घटना को लेकर विपक्ष ने भी राज्य की महायुति सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने इस मामले पर गहरा दुख और तीखा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने पुणे के प्रसिद्ध 'नसरापूर मामले' का हवाला देते हुए सरकार से त्वरित न्याय की मांग की।

रोहित पवार ने क्या कहा?

'ऐसे अपराधियों के मन से कानून का डर बिल्कुल खत्म हो चुका है, क्योंकि अदालत में केस सालों-साल खिंचते हैं। पायधुनी मामले को भी पुणे के 'नसरापूर पैटर्न' की तरह फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाए और नराधम आरोपी को जल्द से जल्द फांसी की सजा दी जाए।'

क्या है नसरापूर पैटर्न?

पुणे के नसरापूर में एक 3 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में कोर्ट ने महज 60 दिनों के भीतर ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए 65 वर्षीय दोषी को 'तिहरी फांसी' की सजा दी थी। विपक्ष और प्रदर्शनकारी मांग कर रहे हैं कि इस केस में भी इसी रफ्तार से न्याय हो और महिलाओं-बच्चों की सुरक्षा के लिए लंबित 'शक्ति कानून' (Shakti Act) को महाराष्ट्र में तुरंत लागू किया जाए।