रातभर समुद्र में तैरकर इंडिया की सबसे युवा तैराक होने का टाइटल अपने नाम करने के बाद सारा अभिजीत आज उन सभी बच्चों और उनके माता-पिता के लिए एक मजबूत प्रेरणा बन चुकी हैं, जो जीवन में कुछ बड़ा करने का सपना देखते हैं। उनका सफर यह साबित करता है कि उम्र कभी भी हौसलों की सीमा नहीं होती। उन अभिभावकों के लिए सारा एक जवाब हैं, जो सोचते हैं कि बच्चा अभी छोटा है, अभी क्या ही कर पाएगा। सारा की उपलब्धि बताती है कि सही दिशा, विश्वास और समर्थन मिले तो कोई भी बच्चा असाधारण कर सकता है। अपनी सफलता का राज बताते हुए सारा कहती हैं कि सही मार्गदर्शन, नियमित अभ्यास और सकारात्मक सोच ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रही है और यही हर सपने को हकीकत में बदलने की पहली सीढ़ी है।